उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन  की तरफ से दरियागंज में  आमिर सलीम  खान  याद में  लोक सभा का आयोजन

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार आमिर सलीम खान के  निधन के बाद उनकी  याद में शोक सभा के आयोजन का सिलसिला जारी है।  इस सिलसिले में उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने दरियागंज में एक शोक सभा का  का आयोजन किया जिसमें विभिन्न अखबारों के पत्रकार,  बुद्धिजीवियों,  विशिष्ट व्यक्तियों ने  भाग लिया है। इस मौके पर आमिर सलीम खान के साथ बिताए लम्हों लम्हों  को याद किया गया।

उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सैयद अहमद खान ने कहा कि  आमिर सलीम खान में पत्रकारिता का भरपूर हुनर था। इनके लेख लोगों को  जगाने का काम करते थे। वह जब  कोई खबर लिखते तो सबसे पहले  अच्छी तरह से  जांच पड़ताल कर लेते थे  और खबर को इस अंदाज में पेश करते थे कि  पढ़ने वाला  ऐसा महसूस करता कि आमिर सलीम खान खुद बगल में बैठ कर सुना रहे हैं। वह हमेशा लोगों की आवाज बुलंद करते थे और सरकारों और सत्ताधारी दलों तक लोगों की आवाज पहुंचाने में अहम रोल अदा करते थे। आज आमिर खान के चले जाने का जो नुकसान पत्रकारिता जगत को हुआ है इसकी  भरपाई नहीं हो सकती है।  मास्टर मकसूद अहमद ने आमिर सलीम खान  को याद करते हुए कहा कि  इनसे मेरे अच्छे संबंध थे। वह  मुसलमानों से जुड़ी समस्याओं पर बात करते थे। वह बहुत ही खुद्दार थे। शिक्षा से जुड़े विषयों पर वह मुझसे जरूर बात करते थे।  वरिष्ठ पत्रकार सादिक शेरवानी ने कहा कि  आमिर भाई की गिनती उर्दू के  वरिष्ठ पत्रकारों में होती थी जो कोई भी खबर वह लिखते थे  वह जनता की आवाज होती थी। पत्रकार मोहम्मद अहमद ने कहा कि  आमिर सलीम खान को मैं कभी भी भुला नहीं सकता। उन्होंने मेरी कदम कदम पर  एक उस्ताद की तरह रहनुमाई की है। सामाजिक कार्यकर्ता नईम अंसारी ने  आमिर सलीम को याद करते हुए कहा कि मैं  उनकी खबरों का इंतजार किया करता था  और सुबह उठकर सबसे पहला काम  उनकी खबर पढ़ना होता था। इस  मौके पर पत्रकार अमीर अमरोहवी,  मोहम्मद ओवैस, मुबारक कासमी,  मोहम्मद तसलीम,  हकीम अताउल्रहमान अजमल, हकीम एजाज अहमद एजाजी, हाफिज मोहम्मद मुर्तजा देहलवी,  फोटो जर्नलिस्ट मोहम्मद अकबर,  मोहम्मद इमरान कन्नौजी आदि ने भाग लिया।

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