नई दिल्ली. दिल्ली में वाहन जनित प्रदूषण कम करने के लिए ‘रेड लाइट आन, गाड़ी आफ’ अभियान 30 नवम्बर तक बढ़ाया जाएगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 21 अक्टूबर को इस अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा था कि शहर में 10 लाख वाहन भी अभियान में शामिल हो जाते हैं तो एक वर्ष में पीएम 10 का स्तर 1.5 टन और पीएम 2.5 का 0.4 टन कम हो जाएगा।
अभियान 15 नवंबर तक चलना था लेकिन अब दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इसे 30 नवम्बर तक बढ़ाने का फैसला किया है। इसे अभियान का ‘चरण 2’ कहा जाएगा। उधर सरकार ने विपक्ष से अपील की कि वह पटाखों पर प्रतिबंध के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश नहीं करें।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इंकार

उधर उच्चतम न्यायालय ने काली पूजा पर पश्चिम बंगाल में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान जीवन बचाना अधिक महत्वपूर्ण है।
न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि यद्यपि पर्व महत्वपूर्ण हैं लेकिन इस समय महामारी के दौर में जीवन ही खतरे में है। शीर्ष अदालत कलकत्ता उच्च न्यायालय के पांच नवंबर के आदेश के खिलाफ गौतम रॉय और बड़ाबाजार फायरवर्क्स डीलर्स एसोसिएशन की अपील पर सुनवाई कर रही थी। काली पूजा शनिवार को होगी।

पीठ ने कहा कि सभी इस स्थिति में जिंदगी के लिये संघर्ष कर रहे हैं और सभी के घरों में वृद्धजन हैं। इस समय हम ऐसी स्थिति में हैं जहां जिंदगी बचाना अधिक महत्वपूर्ण है। उच्च न्यायालय जानता है कि वहां पर किस चीज की जरूरत है। उच्च न्यायालय ने नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के हितों का ध्यान रखा है जो शायद बीमार हों। उच्च न्यायालय ने जगदहरि पूजा, छठ और कार्तिक पूजा के दौरान भी पटाखों पर प्रतिबंध लगे रहने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने विसर्जन के दौरान जुलूस निकालने की अनुमति देने से इंकार करते हुये कहा था कि काली पूजा के 300 वर्ग मीटर के पंडालों में 15 व्यक्तियों और इससे बड़े पंडाल में 45 व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति होगी।

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