अध्यक्ष पद पर सहमति के लिए कांग्रेस करेगी चिंतन

नई दिल्ली. लंबे अर्से बाद कांग्रेस में राहुल गांधी का विरोध करने वाले और समर्थन करने वाले नेता एक मंच पर बैठे। पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी की ओर से बुलाई इस बैठक में राहुल गांधी का विरोधी गुट विरोध की हिमाकत तक नहीं कर पाया। सभी ने पार्टी की मजबूती की बात कर इतिश्री कर ली। बैठक से यह बात जरूर निकल कर आयी कि कांग्रेस अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी को फिर से विराजमान करने के लिए चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर से पहले कांग्रेस की ऐसी ही एक-दो और बैठकें हो सकती है।

दफ्तर में बैठकर कार्यकर्ताओं की सुनेंगे पार्टी पदाधिकारी

कांग्रेस की शनिवार को हुई मैराथन बैठक तकरीबन पांच घंटे चली। इसमें पार्टी को मजबूत करने पर मंथन हुआ। सभी नेताओं ने कांग्रेस को परिवार की तरह मजबूत करने पर जोर दिया। सूत्रों का कहना है कि बैठक में सभी इस बात पर सहमत थे कि संगठन पदाधिकारियों को पार्टी दफ्तर में लगातार बैठना चाहिए। संगठन पदाधिकारी पार्टी दफ्तर में आने वाले कार्यकर्ताओं से निर्बाध तरीके से मिलें-जुलें। उनकी बातें धैयपूर्वक सुनने के साथ ही उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए काम करें।

शिविर में तय होगा आगे का रास्ता

बैठक के बाद जी 23 के नाम से चर्चित नेताओं में से एक पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सभी नेताओं ने अपनी बात रखी। इस बात पर सहमति बनी कि पचमढ़ी या शिमला जैसे चिंतन शिविर का आयोजन करके आगे का रास्ता तय किया जाए। हाल ही जिन नेताओं ने संगठन की मजबूती के लिए जो मुद्दे उठाए, उन पर भी मंथन होना चाहिए। कांग्रेस कार्यसमिति की लगातार बैठक करने पर भी सभी ने सहमति दी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस को मजबूत करने की कवायद में यह पहली बैठक है। ऐसी एक दो बैठकें अभी और होनी है।

दूसरी ओर गांधी परिवार का समर्थन करने वाले नेताओं में शुमार पवन बंसल ने बैठक के बाद कहा कि अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के नाम पर सभी की सहमति है। बंसल ने बताया कि बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, वह उसका निर्वांहन करेंगे। कांग्रेस आलाकमान ने बैठक में कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, गुलाम नबी आजाद, मनीष तिवारी, अंबिका सोनी, विवेक तन्खा समेत 19 नेताओं ने भाग लिया।

राहुल को अध्यक्ष पद देने की कवायद

कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव होना है। अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के नाम पर कोई विरोध न हो, इसकी कवायद में कांग्रेस जुट गई है। इसी सिलसिले में सोनिया गांधी ने शनिवार को बैठक बुलाई थी। बैठक का लब्बोलुबाब यही है कि राहुल गांधी ही अध्यक्ष होंगे। बैठक में गांधी परिवार के सामने विरोध करने वाले का मुंह न खुल पाना इस बात का सबूत है। हालांकि अभी इस कवायद में कई और कड़ियां जुड़ेगी। विरोधी और समर्थक खेमों की बैठकें भी होगी। इन बैठकों के बाद कांग्रेस आलाकमान की तरफ से एक-दो बैठकें और बुलाई जाएगी। फिर चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा।

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