ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली. अगर ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की सर्वे रिपोर्ट के चश्में से देखें तो भारत में पुलिस और प्रशासन भ्रष्टाचार में एक से बढ़कर एक है।
मीडिया की खबरों के मुताबिक भारत में पुलिस के संपर्क में आए 42 फीसदी लोगों ने घूस दी तो पहचान पत्र जैसे सरकारी दस्तावेज हासिल करने के लिए 41 प्रतिशत लोगों को प्रशासनिक दफ्तरों में घूस देनी पड़ी। सर्वे के मुताबिक 37 फीसदी लोगों का मानना है कि पिछले 12 महीनों में भ्रष्टाचार बढ़ा है।

ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एशिया में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचारी लोग भारत में है। भारत में घूसखोरी दर 39 प्रतिशत है। सर्वे के मुताबिक 37 फीसद का मानना है कि पिछले 12 महीनों में भ्रष्टाचार बढ़ा है। 63 फीसदी लोगों का मानना है कि सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सही कदम उठा रही है। एशियाई क्षेत्रों में भारत में सबसे अधिक घूसखोरी है। सर्वे में शामिल 46 प्रतिशत लोगों ने माना कि पब्लिक सर्विस का उपयोग करने के लिए व्यक्तिगत कनेक्शन का उपयोग किया। 50 फ़ीसद से काम के बदले रिश्वत की मांग की गई।

भ्रष्टाचार के मामले में कंबोडिया दूसरे नंबर में है। वहां घूसखोरी दर 37 फीसदी है। तीसरे नंबर पर इंडोनेशिया है। वहां घूसखोरी दर 30 फीसदी है। जापान सबसे कम भ्रष्ट है इसलिए रिश्वतखोरी सिर्फ 2 प्रतिशत है। दक्षिण कोरिया में भ्रष्टाचार की दर 10 फीसदी है और नेपाल में 12 फीसदी लोग ही भ्रष्टाचार करते हैं।

मीडिया के अनुसार ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर-एशिया के नाम से जारी की है। इसमें 17 देशों के 20,000 लोगों से सवाल पूछे गए हैं। सर्वे जून और सितंबर के बीच किया गया। सर्वे में छह तरह की सरकारी सेवाएं शामिल की गई थीं। जिसमें पुलिस, कोर्ट, सरकारी अस्पताल जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

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