नई दिल्ली. कोरोना काल में समुद्री डकैत सागर में खुलकर खेले और उन्होंने डकैतियों का अम्बार लगा दिया। इस दौरान दुनिया भर के समुद्रों में समुद्री डकैती की घटनाओं में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

समुद्री डकैती की बढ़ती घटनाओं के बीच समुद्री परिवहन संगठन एमयूआई ने कहा कि ये दो लाख से अधिक भारतीय नाविकों के लिए चिंता की बड़ी वजह है। मर्चेंट नेवी के सबसे पुराने संगठन मैरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया (एमयूआई) ने कहा कि महामारी के कारण समुद्री डकैती में लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

एमयूआई के अनुसार समुद्री डकैती का खतरा दो लाख से अधिक भारतीय समुद्री नाविकों के लिए चिंता की एक प्रमुख वजह है। वैश्विक समुद्री नाविकों में भारत की लगभग 9.35 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अफ्रीका के पश्चिमी तट में बेनिन, अंगोला, इक्वेटोरियल गिनी और घाना में समुद्री डकैती का सबसे अधिक जोखिम है।

दुर्भाग्य से यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है क्योंकि कुछ देशों की सरकारें समुद्री लुटेरों के विभिन्न समूहों पर नियंत्रण पाने में असमर्थ हैं या वे ऐसा करना ही नहीं चाहती हैं और समुद्री डकैत बिना किसी कठिनाई के हथियार और गोला-बारूद जमा करते हैं। थोड़े से धन के लालच में अविकसित देशों के कुछ नागरिक इस अवैध रास्ते पर आगे बढ़ते हैं, जिससे भारतीय नागरिकों सहित दुनिया भर के समुद्री नाविक आतंकित हैं।

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