नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले 214 साइबर अपराधियों को दबोच लिया है। इसके अलावा पांच अवैध कॉल सेंटरों का भी भंडाफोड किया है। ये कार्रवाई दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध इकाई (साइपैड) ने की है।

जिन पांच कॉल सेंटरों पर पुलिस ने छापे मारे हैं, उनसे एचएसबीसी बैंक, एल एंड टी हैवेल्स जैसे प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी देने का झांसा दिया जाता था। यहां से पकड़े गए आरोपियों में से तीन एक प्रतिष्ठित संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग स्नातक डिग्री धारक हैं। उन्होंने 250 से अधिक पीड़ितों से 75 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है।

डीसीपी साइबर क्राइम अनिल रॉय के अनुसार साइपैड की कार्रवाई में आपत्तिजनक सामग्री वाली 278 प्रोफाइल को अवरुद्ध कर दिया गया है। इसमें ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब अकाउंट शामिल हैं। ट्विटर पर 140 अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं। इसके अलावा आयुष्मान योजना की फर्जी वेबसाइटों के नाम पर 4,200 लोगों को ठगने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।

मतदाता पहचान पत्र की फर्जी वेबसाइटों से धोखाधड़ी में 3,000 पीड़ितों से धोखाधड़ी करने के संबंध में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन को पीएम शिशु विकास योजना के लिए 15,000 रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया गया। सौर पैनल या लैपटॉप के मुफ्त वितरण के मामले में सिर्फ दो मामले दर्ज हुए लेकिन प्रभावित व्यक्तियों की संख्या एक लाख से अधिक है। उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि साइबर अपराधी भले ही संख्या में कम हों, लेकिन ये लोगों की जीवन भर की बचत को तुरंत हड़प जाते हैं।

कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि साइबर अपराध का शिकार होते ही आगे के सभी संचार बंद करें। डेटा, डिवाइस और संपत्तियों की सुरक्षा करें। अपराध से संबंधित सबूतों को स्क्रीन पर कैप्चर करें। रिकॉर्डिंग भी करें। मामले की जानकारी पुलिस को देने के साथ-साथ बैंक, वॉलेट, कार्ड, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, इंस्टेंट मैसेजिंग एप जैसे सेवा प्रदाताओं को भी रिपोर्ट करें।

Leave a comment

Your email address will not be published.