नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश में मेट्रो नेटवर्क विस्तार से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मोदी सरकार कितनी तेज गति से काम करती है और पुरानी योजनाओं को कितनी फुर्ती से अमली जामा पहना रही है।

प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में भूमि पूजन कर अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण और सूरत मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखने के बाद कहा कि वर्तमान में देश के 27 शहरों में 1000 किलोमीटर से ज्यादा के मेट्रो नेटवर्क पर काम चल रहा है जबकि 2014 के पहले के 10 वर्षों में सिर्फ 225 किलोमीटर मेट्रो लाइन ही चालू हो सकी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब देश में मेट्रो परियाजनाओं को लेकर न कोई आधुनिक सोच थी और ना ही कोई नीति। इसका परिणाम ये हुआ कि हर शहर में अलग ही प्रकार की मेट्रो थी। पहले की सरकारों की जो एप्रोच थी और हमारी सरकार कैसे काम कर रही है इसका बेहतरीन उदाहरण मेट्रो नेटवर्क है। वर्ष 2014 से पहले के 10-12 वर्षों में सिर्फ 225 किमी मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी। वहीं बीते 6 वर्षों में 450 किमी से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है और इस समय देश के 27 शहरों में 1000 किमी से ज्यादा के नए मेट्रो नेटवर्क पर काम चल रहा है।

मोदी ने कहा कि देश नए आधारभूत संरचना के निर्माण को लेकर लगातार तेज गति से अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। बीते कुछ ही दिनों में देश भर में हजारों करोड़ रुपए की अवसंरचना परियोजनाओं का या तो लोकार्पण किया गया है या फिर नयी परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है। आज हम शहरों के परिवहन को एक टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के तौर पर विकसित कर रहे हैं। यानी बस, मेट्रो, रेल सब अपने अपने हिसाब से नहीं दौड़ें, बल्कि एक सामूहिक व्यवस्था के तौर पर काम करें, एक दूसरे के पूरक बनें।

केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत आत्मविश्वास के साथ फैसले ले रहा है और उन पर तेजी से अमल भी कर रहा है। आज भारत सिर्फ बड़ा ही नहीं कर रहा है बल्कि बेहतर भी कर रहा है। गुजरात के शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी बीते वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है विशेष रूप से गांव में सड़क, बिजली और पानी के क्षेत्र में।

इन क्षेत्रों में बीते दो दशकों में जो सुधार आया है। वो गुजरात की विकास यात्रा का बहुत अहम अध्याय है। आयुष्मान भारत योजना के तहत गुजरात के 21 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिला है। अब गुजरात के हर गांव तक पानी पहुंच चुका है। इतना ही नहीं करीब 80 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंच रहा है। अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण में कुल 28.25 किलोमीटर की लंबाई के दो मार्गों पर मेट्रो का संचालन होगा। पहला कॉरिडोर मोटेरा स्टेडियम से महात्मा मंदिर तक होगा और इसकी कुल लंबाई 22.83 किलोमीटर होगी जबकि दूसरा कॉरिडोर जीएनएलयू से गिफ्ट सिटी तक होगा और इसकी कुल लंबाई 5.41 किलोमीटर होगी। इन परियोजनाओं पर कुल लागत 5384.17 करोड़ रुपये की आएगी।

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