जयपुर. खुले में सिगरेट व बीडी पीने पर लगने वाला जुर्माना 10 गुना बढ़ा दिया गया है। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करते या तंबाकू जनित उत्पादों को खाते पकड़े जाने पर 200 रूपए जुर्माने को बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया गया है। तंबाकू की खरीद-बिक्री की न्यूनतम उम्र सीमा 18 साल से बढ़ा कर 21 साल करने के साथ ही होटल-रेस्टोरेंट सहित एयरपोर्ट आदि पर स्मोकिंग जोन भी समाप्त करने का प्रस्ताव है।

इन कड़े कानूनों से लगाएंगे रोक

केंद्र सरकार ने सिगरेट व तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा)-2003 में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया है। संशोधित विधेयक संसद के इसी बजट सत्र में पेश किए जाने की तैयारी है जिसके लिए 31 जनवरी तक जनसुझाव आमंत्रित मांगे गए हैं। अधिनियम के संशोधित ड्राफ्ट में तंबाकू उत्पाद बेचने वाले वेंडरों के लाइसेंस को अनिवार्य बनाया गया है।

बांध दिए गए हैं कम्पनियों के हाथ-पांव

तंबाकू बिक्री के स्थानों पर प्रचार या प्रदर्शन नहीं होगा। इंटरनेट, सोशल मीडिया माध्यम से भी तंबाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सिगरेट या बीड़ी के एकल स्टिक, छोटे पैक या प्रयोग के लिए तैयार खुले तंबाकू की बिक्री प्रतिबंधित की जाएगी। संशोधित अधिनियम लागू होने पर तंबाकू उद्योग या उससे जुड़ी कंपनियां किसी भी आयोजन की स्पांसरशिप या सीएसआर में तंबाकू उत्पादों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार-प्रसार नही कर सकेंगी।

सत्रह सालों से नहीं बढ़ाई जुर्माना राशि

राजस्थान कैंसर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने तम्बाकू निषेध विषयक वर्चुअल कार्यशाला में कहा कि कोटपा की कुछ धाराओं में अर्थ दंड में बढ़ोतरी महंगाई दर के अनुसार की जानी चाहिए क्योंकि पिछले सत्रह सालों से यह जस का जस है। अर्थ दंड राशि में हर वर्ष महंगाई दर के अनुसार बढ़ोतरी का प्रावधान भी किया जाना चाहिए।

एक दिन में मर जाते हैं चार हजार भारतीय

एसआरकेपीएस व तंबाकू मुक्त राजस्थान अभियान के प्रतिनिधि राजन चौधरी ने कहा कि भारत को 2030 तक तंबाकू मुक्त भारत बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। जन स्वास्थ्य अभियान के डॉ.नरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि शोध में पान मसाला सहित तंबाकू उत्पादों में हानिकारक रसायन पाए गए हैं। इसलिए कोटपा कानून को और सख्त करने की आवश्यकता है। इण्डियन अस्थमा सोसायटी के धर्मवीर कटेवा ने कहा कि तंबाकू जनित रोगों से देश भर में सालाना 13 लाख लोगों की मौत होती है। एक शोध के मुताबिक तंबाकू जनित रोगों से रोज चार हजार से अधिक भारतीयों की मौत होती है।

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