बिहार के शिक्षामंत्री का चार्ज सम्भालते ही इस्तीफा

नई दिल्ली. गठन के साथ ही बिहार की नीतीश सरकार तब लड़खड़ा गई, जब उसके शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने शिक्षा मंत्री का चार्ज सम्भालने के कुछ ही घंटों बाद इस्तीफा दे दिया। विपक्ष ने नियुक्ति घोटाले के साथ ही पत्नी की संदिग्ध मौत मामले में मेवालाल पर घेरा डाल दिया था जिसके बाहर आने में वे नाकाम रहे।

नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी 72 घंटे भी मंत्री नहीं रह पाए और इस्तीफा दे दिया। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर का वीसी रहते नियुक्ति में घोटाले के आरोप के साथ ही विपक्ष ने उनकी पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में मेवालाल की कथित संलिप्तता को लेकर जांच की मांग भी की थी। मेवालाल की पत्नी नीता चौधरी की 2019 में जलने से मौत हो गई थी।

कम नम्बर वालों को कर दिया पास !

भ्रष्टाचार का मामला साल 2012 का है। विश्वविद्यालय में कृषि वैज्ञानिक, असिस्टेंट प्रोफेसर 281 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया और परीक्षा के बाद 166 लोगों की नियुक्ति हुई थी। इसके बाद से ही नियुक्ति मामला विवादों में है। आरोप लगे कि परीक्षा में जिसे कम नंबर मिले उसे पास कर दिया गया और अधिक नंबर पाने वाले उम्मीदवार को फेल कर दिया गया। जबकि मेवालाल चौधरी का कहना है कि उनके खिलाफ कोई चार्जशीट दायर नहीं हुई है ना ही कोर्ट में आरोप सिद्ध हुआ।

लालू का तंज, मेवा मिलते ही मौन हुए भाजपाई

इससे पहले आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने ट्वीट किया था कि तेजस्वी जहां पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरियां देने को प्रतिबद्ध था, वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बना अपनी प्राथमिकता बता दी। विडंबना देखिए जो भाजपाई कल तक मेवालाल को खोज रहे थे आज मेवा मिलने पर मौन धारण किए हैं।

पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर चौधरी ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ 50 करोड़ का मुकदमा दायर करने की बात कही है। उनका कहना है कि मेरी पत्नी की मौत के मामले में जिस तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं, उसको लेकर तेजस्वी को कानूनी नोटिस भेजूंगा और 50 करोड़ का मानहानि का मुकदमा भी करूंगा।

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