राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने राजस्थान के कांग्रेस संगठन को झकझोर कर खड़ा कर दिया है. यात्रा में उमड़े जनसमुदाय को देखकर ऐसा लग रहा था, मानों इस इलाके के पंचायत से लेकर प्रदेश के पदाधिकारी जैसे नींद से जाग कर खड़े हो गए हों. लेकिन इस दौरान किसी को ये भी ख्याल नहीं आया कि यात्रा अब भारत के सबसे ठंडे इलाकों में प्रवेश कर रही है. इनमें तापमान दिसम्बर और जनवरी में शून्य पर झूलता रहता है. यात्रा अपने अंतिम पडाव श्रीनगर की ओर बढ़ते समय पंजाब के सबसे ठंडे क्षेत्रों से गुजरेगी. यानी कड़ाके की ठंड के बीच यात्रियों को अब सबसे कठिन दौर से गुजरना है.

अफगानिस्तान से यूरोप तक फेमस है जयपुरी रजाई

मंत्रियों-नेताओं को भले ही इसका आभास नहीं हुआ हो, लेकिन नेताओं की जमीन को संवारने वाला कांग्रेस सेवादल अपना कर्तव्य नहीं भूला. उसकी राजस्थान इकाई ने भारत जोड़ो यात्रियों को वह जयपुरी रजाई भेंट की हैं जिनकी ख्याति दुनिया के सबसे ठंडे मुल्क अफगानिस्तान से लेकर यूरोप के विभिन्न देशों तक फैली है.

पहल हेमसिंह की, भेंट लालजी देसाई ने की

प्रदेश सेवादल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजमोहन खत्री ने बताया कि सभी यात्रियों को एक-एक रजाई भेंट की हैं. ठंडे इलाकों में भारत यात्रियों को जयपुरी रजाई से लैस करने की ये पहल प्रदेश सेवादल अध्यक्ष हेमसिंह शेखावत की है. कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी भाई देसाई ने एक-एक कर सभी भारत जोड़ो यात्रियों को जयपुरी रजाई प्रदान की.

ढाका की मलमल से की जाती जयपुरी रजाई की तुलना

प्रदेश सेवादल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजमोहन खत्री के अनुसार जयपुरी रजाई बुनकरों के हाथ का ऐसा कमाल है जिसकी तुलना ढाका की मलमल से की जाती है. ये रजाई आप अपने पिट्ठू बैग में रख सकते हैं. इसका वजन बमुश्किल 200 से ढाई सौ ग्राम होता है.

श्रीनगर की बर्फबारी से बचाएगी जयपुरी रजाई

खत्री ने बताया कि इस रजाई की सबसे बड़ी खासियत शून्य से नीचे झूलने वाले तापमान से शरीर की सुरक्षा करना है. इसे लपेट लेने अथवा ओढ़ लेने के बाद शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती क्योंकि रजाई को बनाते समय रूई की पतली से पतली परत की सिलाई बहुत नफासत के साथ की जाती है कि वह अपने स्थान से इंच भर भी नहीं खिसकती. सिलाई में काम आने वाला धागा भी बहुत मजबूत होता है और कई वर्षों तक नहीं खुलता.

प्रदेश सेवादल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजमोहन खत्री के अनुसार ये रजाइयां श्रीनगर की बर्फबारी में भी भारत जोड़ो यात्रियों को ठंड का अहसास नहीं होने देंगी.

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