नई दिल्ली. सदियों से सभ्य समाज की हिकारत को झेल रहे एलजीबीटी (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल एवं ट्रांसजेंडर) के लिए भारत का गोदरेज और हिंदुस्तान यूनिलीवर समूह स्वर्ग बन गया है। दोनों समूह एलजीबीटी को जमकर नौकरियां दे रहे हैं। दोनों कम्पनियों को भारत में एलजीबीटी के लिए सबसे अच्छे एम्प्लॉयर के खिताब से नवाजा गया है। जिन 19 और कंपनियों ने स्वर्ण पुरस्कार जीते, वे सब माइक्रोसॉफ्ट और एक्सेंचर जैसी विदेशी कंपनियां हैं।

जीतने वाली कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर ब्रिटिश कंपनी की भारतीय सब्सिडियरी कंपनी है। गोदरेज इंडिया कल्चर लैब के मुखिया परमेश शहानी के अनुसार उनकी लैब गोदरेज समूह का एक हिस्सा है और विविधतापूर्ण सोच को प्रोत्साहन देने वाले कार्यक्रम आयोजित करती है। पुरस्कार जीतने वाली 52 कंपनियों के इस सूचकांक में 67 प्रतिशत कंपनियां अंतरराष्ट्रीय और 17 प्रतिशत भारतीय हैं। टाटा स्टील समेत चार कंपनियों को रजत पुरस्कार दिया गया।

रिसर्च से पता चला है कि एलजीबीटी प्लस लोगों के लिए बराबरी को प्रोत्साहित करने वाली कंपनियों में कर्मचारियों की भर्ती, उन्हें कंपनी के साथ बनाए रखना, उपभोक्ताओं के बीच कंपनी की छवि, उत्पादकता और लाभदायिकता सब बेहतर होती हैं। फिक्की के महासचिव दिलीप चेनॉय ने भारतीय कंपनियों को कहा कि वे भी अगले साल इसमें हिस्सा लें क्योंकि इससे विविधता और समावेश की तरफ बढ़ने में सहायता होगी।

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