नई दिल्ली. बदायूं गैंगरेप का मुख्य अभियुक्त पुजारी सत्यनारायण ‘काला जादू’ करने के लिए मशहूर था और महिलाओं पर बुरी निगाह रखता था। इसी के चलते उस मंदिर में लोग जाने से कतराते थे जहां वह रहता था। वारदात वाले दिन पुजारी सत्यनारायण को लगातार फोन करके मंदिर में बुला रहा था।

खबरों के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि पुजारी रविवार सुबह से महिला को फोन कर रहा था और उसे मंदिर आने को कह रहा था। महिला के मंदिर जाने के बाद रात करीब 11 बजे पुजारी और उसके दोनो साथी बुरी तरह घायल और खून बह रही हालत में उसे घर छोड़कर भाग गए। उस वक्त वो ठीक से सांस नहीं ले पा रहीं थीं। साड़ी शरीर से लटकी हुई थी। वो सिर्फ ब्लाउज़ और पेटीकोट में थीं। दोनो वस्त्र खून से लाल हो चुके थे। उसके गुप्तांग विकृत हालत में थे। घर पर जिस गद्दे पर महिला को लिटाया गया वह खून से भीगा गद्दा पुलिस ने शुरूआत में जब्त नहीं किया।

परिजन वारदात की एफआईआर दर्ज कराने उघैती पुलिस स्टेशन पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। जब परिवार ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन किया, तब कहीं जाकर सोमवार दोपहर 3 बजे पुलिस शव लेने उनके घर पहुंची। शव का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को किया गया।

मीडिया के अनुसार बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संकल्प शर्मा का कहना है कि उघैती के थाना प्रभारी (एसएचओ) को तुरंत ही पीड़िता के घर जाना चाहिए था, नहीं गया इसलिए निलम्बित कर दिया गया है। उसे शव को लाने के लिए फौरन पीड़िता के घर पहुंचना चाहिए था। पोस्टमॉर्टम में देरी के लिए उनका कहना है कि उन्हें जब तक मामले का पता चला, तब नियमानुसार पोस्टमार्टम नहीं हो सकता था। इसलिए तयशुदा मानक प्रक्रिया के अनुसार, पोस्टमॉर्टम मंगलवार को दिन में किया गया।

जांच में सामने आया है कि पुजारी ने महिला को एक तरह से अपनी ‘पकड़’ में रखा हुआ था जिसकी वजह से वो अक्सर उसके पास जातीं थीं। गांव वालों का कहना है कि पुजारी अच्छे चरित्र का आदमी नहीं है लेकिन तांत्रिक विद्या में निपुणता के लिए मशहूर है। पुलिस ने जांच में ‘काले जादू के पहलू’ को भी शामिल कर लिया है।

पुलिस को उस अस्पताल का पता मिल गया है जहां अभियुक्त रविवार रात महिला को ले गए। अस्पताल ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। अस्पताल प्रबंधन से पूछा जा रहा है कि उसने ऐसे मामलों की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी ? मौका-ए-वारदात पर पुजारी की चारपाई, मंदिर परिसर में और कुएं के पास भी खून के निशान मिले हैं।

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