जयपुर. राजधानी जयपुर में एक निर्दोष को बचाते हुए मारे गए पत्रकार के साथ ही एक अन्य पत्रकार पर जानलेवा हमले की घटनाओं के बाद जर्नलिस्टस एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) ने फैसला किया है कि वह निष्पक्ष पत्रकारिता की रक्षा और जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट बनवाने के लिए सांसद और विधायकों का दरवाजा खटखटाएगी।

जार ने जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करवाने के लिए प्रदेश में अभियान चलाया हुआ है। इस बीच सोमवार को जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा को जार पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम दो ज्ञापन दिए। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से संसद तो मुख्यमंत्री से राजस्थान विधानसभा में पत्रकार सुरक्षा कानून को पारित करवाने की मांग की है। ज्ञात रहे कि महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू है।

जार प्रदेशाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा के अनुसार सासंद रामचरण बोहरा ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री तक वत्रकारों की मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में पत्रकारों व मीडियाकर्मियों पर जानलेवा हमले, जान से मारने की धमकियों को गैर जमानती अपराध बनाने, उक्त अपराधों में सात साल से आजीवन कारावास तक के कठोर कारावास से दंडित करने और दो लाख से पांच लाख रुपये के जुर्माने के प्रावधान, जानलेवा हमले में पत्रकार की मृत्यु होने पर दोषियों पर मृत्युदंड की सजा और दस लाख रुपये के जुर्माने तक के प्रावधान, आश्रित पत्नी, बेटे-बेटी को सरकारी नौकरी दिए जाने के प्रावधान की मांग की गई है।

उल्लेखनीय है कि गत दिनों जयपुर के युवा पत्रकार अभिषेक सोनी की जानलेवा हमले में मौत हो गई थी। ज्ञापन में पत्रकारों व मीडियाकर्मियों पर जानलेवा हमले, जान से मारने की धमकियों को गैर जमानती अपराध बनाने, उक्त अपराधों में सात साल से आजीवन कारावास तक के कठोर कारावास से दंडित करने और दो लाख से पांच लाख रुपये के जुर्माने के प्रावधान, जानलेवा हमले में पत्रकार की मृत्यु होने पर दोषियों पर मृत्युदंड की सजा और दस लाख रुपये के जुर्माने तक के प्रावधान, आश्रित पत्नी, बेटे-बेटी को सरकारी नौकरी दिए जाने के प्रावधान की मांग की है। इस मौके पर जार महासचिव संजय सैनी, एनयूजेआई के राष्ट्रीय सचिव पंकज सोनी, वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा, मनीष गोधा आदि मौजूद थे।

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