नई दिल्ली. विदेशी उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में चीन से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ध्रवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) ने शनिवार को श्री हरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र (एसडीएससी) के पहले लांच पैड से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-01 और अन्य देशों के नौ वाणिज्यिक उपग्रहों को सफलतापूवर्क लांच किया। भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) के पहले लॉन्च पैड से विदेशों से नौ वाणिज्यिक उपग्रहों के साथ-साथ EOS-01 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया।

इसरो के अनुसार पीएसएलवी-सी 49 ने उलटी गिनती के दौरान खराब मौसम की स्थिति के कारण नौ मिनट की देरी के बाद तीन बजकर 11 मिनट पर पर यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। प्रक्षेपण के करीब 20 मिनट बाद यान ने सभी उपग्रहों को एक-एक कर कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया। इसके बाद, नौ वाणिज्यिक उपग्रहों को उनकी कक्षाओं में स्थापित किया गया।

पहले भारत का फिर विदेशी उपग्रह प्रक्षेपित

इसके बाद अलग होने के बाद ईओएस-1 के दो सौर सारणियों को स्वचालित रूप से तैनात किया गया था और इसरों के टेलीमेट्री ट्रैकिंग और बेंगलुरु में कमांड नेटवर्क ने उपग्रह काे नियंत्रण में किया। इससे आने वाले दिनों में उपग्रह को अपने अंतिम परिचालन विन्यास में लाया जाएगा। इसरो के अध्यक्ष डॉ के सिवन ने कहा कि पीएसएलवी-सी 49 ने सफलतापूर्वक ईओएस -01 और नौ वाणिज्यिक उपग्रहों को अपनी कक्षा में स्थापित किया।

उन्होंने सफल प्रक्षेपण के लिए दोनों लॉन्च वाहन और उपग्रह टीमों को बधाई दी। डॉ. के सिवन ने आगामी मिशनों के बारे में भी जानकारी दी। ईओएस-01 एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जिसका उद्देश्य कृषि, वानिकी और आपदा प्रबंधन सहायता में अनुप्रयोगों के लिए है। लिथुआनिया, लक्समबर्ग और अमेरिका के नौ वाणिज्यिक उपग्रहों को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ एक वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत लॉन्च किया गया है। पीएसएलवी-सी 49 ‘डीएल’ विन्यास में पीएसएलवी की यह दूसरी उडान है।

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