नई दिल्ली. भारत अपने सौ समुद्र तटों को अगले चार साल में पर्यावरण मित्र बनाएगा। यह जानकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने दी। उन्होंने सोमवार को देश के आठ समुद्र तटों पर ‘ब्लू फ्लैग’ लगाया तथा कहा कि अगले तीन-चार साल में एक सौ और समुद्र तटों को ‘ब्लू फ्लैग’ बनाया जायेगा।

जावडेकर ने केरल के काप्पड़, गुजरात के शिवराजपुर, दीव के घोघला, कर्नाटक के कासरकोड़ तथा पडुबिरी, आँध्र प्रदेश के रुशिकोंडा, ओडिशा के गोल्डेन और अंडमान एवं निकोबार के राधनगर समुद्र तटों पर ‘ब्लू फ्लैग’ फहराया।

इन समुद्र तटों को ‘फाउंडेशन फॉर इनवायरनमेंट एजुकेशन इन डेनमार्क’ ने 06 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्र दिया था। डेनमार्क के कोपनहेगन में अंतर्राष्ट्रीय जूरी ने इसकी घोषणा की थी। ब्लू फ्लैग प्रमाणन उन समुद्र तटों को दिया जाता है जो स्वच्छता और जनसुविधाओं के 33 मानकों पर खरे उतरते हैं।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि अगले तीन-चार साल में सौ और समुद्र तटों को ‘ब्लू फ्लैग’ के स्तर का बनाया जायेगा। इसके लिए समुद्र तटों के आसपास हर व्यक्ति को सफाई रखनी होगी। समुद्र तटों की सफाई को जनांदोलन का रूप दिया जाना जरूरी है। दुनिया में अधिकतर पर्यटन समुद्र तटों पर होता है। समुद्र तटों को ब्लू फ्लैग दर्जा मिलने से ज्यादा संख्या में वहाँ पर्यटक आयेंगे।

जिन आठ समुद्र तटों पर ब्लू फ्लैग लगाया गया, जावडेकर ने वहाँ की राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि साफ और स्वच्छ समुद्र तट अच्छे तटीय पर्यावरण का भी संकेत देते हैं।

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