राजस्थान में जन्म-मृत्यु एवं विवाह के पंजीकरण के लिए अब नगर निगमों और नगर पालिकाओं के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है क्योंकि राज्य सरकार ने पहचान पोर्टल से प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध करा दी है. इसके अलावा इससे ई-मित्र वालों की मनमानी पर भी अंकुश लग जाएगा और वे इन प्रमाण पत्रों की डाउनलोडिंग के लिए अनाप-शनाप वसूली नहीं कर पाएंगे.सबसे अधिक राहत की बात ये है कि आप इन्हें अपने मोबाइल फोन में भी डाउनलोड करके रख सकते हैं. जब कभी आपको हार्डकॉपी की आवश्यकता हो, आप उनका प्रिंट आउट लेकर रख सकते हैं.

बता दें कि राजस्थान राज्य में जन्म-मृत्यु एवं विवाह के पंजीकरण पहचान पोर्टल से किये जा रहे हैं। राज्य के सभी रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर डिजीटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र जारी कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त प्रमुख निजी चिकित्सालय भी जन्म-मृत्यु की घटनाओ की पहचान पोर्टल पर ही ऑनलाइन रिपोर्टिग कर रहे हैं। राज्य में पंजीकरण से जुड़े सभी कार्य जैसे पंजीकरण मे संशोधन एवं भाषा परिवर्तन, गोद लिये बच्चे का पंजीकरण, जुड़वा बच्चे का पंजीकरण आदि पोर्टल पर ही किए जा सकते हैं.

आम जनता भी पोर्टल पर या ई-मित्र कियोस्क पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती है. पहचान एन्डराइड एवं आईओएस मोबाइल एप भी उपलब्ध है। प्रमाण-पत्र ऑनलाइन ही पोर्टल या मोबाइल एप से डॉउनलोड किये जा सकते हैं. ये प्रमाण-पत्र डिजीलॉकर पर भी उपलब्ध हैं. दिक्कत होने पर टोल फ्री नम्बर 18001806785 पर सम्पर्क किया जा सकता है.

यहां यह उल्लेखनीय है कि राजस्थान की प्रत्येक नगर पालिका / नगर परिषद / नगर निगम मुख्यालय पर जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार बैठता है. जन्म-मृत्यु होने के 21 दिन के अन्दर रजिस्ट्रार कार्यालय को देकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निशुल्क प्राप्त किया जा सकता है! इसके लिए परिवार के मुखिया या उसके नजदीकी रिश्तेदार को प्रपत्र-1 में जन्म की सूचना एवं प्रपत्र-2 में मृत्यु की सूचना भरकर देनी होगी. जन्म रजिस्ट्रीकरण बच्चे के नाम के बिना भी करवाया जा सकता है.

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