जयपुर. प्रदेश में 18 जनवरी से खुल रहे स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन की पालना नहीं की गई तो संयुक्त अभिभावक संघ आईपीसी की धारा 269 और 270 के तहत स्कूल शिक्षकों और प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएगा।

संयुक्त अभिभावक संघ के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल के अनुसार स्कूलों में कोरोन गाइड लाइन की पालना कराने के लिए युवराज हसीजा, मनोज जसवानी, मनीष विजयवर्गीय, अमृता सक्सेना और श्रीमती दौलत शर्मा की अगुवाई में पांच टास्क फ़ोर्स का गठन कर दिया गया है। ये टास्क फोर्स जयपुर के स्कूलों में जाकर कोरोना गाइड लाइन पालना की स्थिति को देखेगी और गड़बड़ी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन एवं शिक्षकों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 269 एवं 270 के तहत जान जोखिम में डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराएगी।

सयुंक्त अभिभावक संघ की लीगल सेल के अध्यक्ष एडवोकेट अमित छंगाणी के अनुसार किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया लापरवाही भरा काम धारा 269 के तहत दंडनीय अपराध है और उसके लिए छह माह की सजा का प्रावधान है। धारा 270 के तहत दो साल तक की सजा हो सकती है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 18 जनवरी से कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने के निर्देश कोरोना एडवाइजरी के साथ दिए है। अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू के अनुसार पिछले 10 महीनों में फीस को लेकर निजी स्कूलों ने जिस तरह की हठधर्मिता का परिचय दिया उससे जाहिर है कि स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन की पालना में कोताही बरती जा सकती है।

बिट्टू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अभी तक स्कूल एवं शिक्षण संस्थानों की कोविड सुरक्षा पालना मापदंडों को जांचने की प्रक्रिया सुनिश्चित नही की है। इससे अभिभावक असमंजस में है कि बच्चों को स्कूल भेजा जाए या नहीं।

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