नई दिल्ली. सतलुज नदी के पाकिस्तान में जाने वाले फालतू पानी का उपयोग अब ​बिजली बनाने में किया जाएगा। इसके लिए केन्द्र सरकार ने 1810 करोड़ की पनबिजली परियोजना को मंजूरी दे दी है।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर 210 मेगावाट की लुहरी जलविद्युत परियोजना के प्रथम चरण के लिए 1810 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमाेदन किया गया।
बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों के जीवन स्तर पर सुधार होगा। स्थानीय स्तर पर दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना 62 महीनों में पूरी की जाएगी और इससे 6.1 लाख टन कार्बन डाईआक्साइड का उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी।
केन्द्रीय मंत्रीमंडल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अन्य फैसले भी लिए गए। बैठक में कोरोना संक्रमण से निपटने के उपायों की समीक्षा भी की गई।

Leave a comment

Your email address will not be published.