जयपुर. पुलिस ने अजमेर के सिविल लाइन स्थित एक कॉल सेंटर पर छापा मार कर कम्प्यूटर और दस्तावेज जब्त कर कॉल सेंटर के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई महाराष्ट्र की एक महिला की शिकायत पर की गई। कॉल सेंटर से सस्ते लोन का झांसा देकर बीते 6 महीने में 70 लाख की ठगी की गई।

जयपुर और अजमेर पुलिस ने सिविल लाइन में विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के पास पैनोरिमा कोचिंग सेन्टर के भवन की तीसरी मंजिल पर कॉल सेन्टर केनोपस टोटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर छापा मारा। संचालक भवानीखेडा नसीराबाद निवासी सावरसिंह रावत को हिरासत में उसकी कार जब्त कर ली।

ठग लिए थे 73 हजार

पुलिस के अनुसार महाराष्ट की रहने वाली अनिता अनिल जोशी ने जयपुर में परिवाद पेश कर बताया कि सस्ते लोन का झांसा देकर उसके साथ 73 हजार की ठगी की गई। ठगी करने वाले ने जयपुर में अपना कार्यालय बताया। जांच की तो पाया कि मामला अजमेर से जुड़ा है। जयपुर से इंस्पेक्टर सत्यपाल सिंह, अजमेर से सीओ प्रिंयका और सिविल लाइन प्रभारी अरविन्द सिंह ने पुलिस टीम के साथ कॉलसेंटर पर छापा मारा।

देते थे सस्ते लोन का झांसा

आरोपी संचालक भवानीखेडा नसीराबाद निवासी सावरसिंह रावत ने केनोपस टोटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी बना रखी थी। यूट्यूब व डिजिटल मार्केट की वेबसाइट की आड़ में ग्लोबल बिजनेस सर्विस और रिप​ब्लिक फायनेंस कंपनी बनाकर सस्ते लोन देने का झांसा देते थे।

नौकरी पर रखे 30 युवक-युवती

इसके लिए बीस से तीस युवक तथा लड़कियों को नौकरी पर रखा था। कंपनी छोटे-छोटे लोन के प्रस्ताव देकर प्रोसे​सिंग फीस के नाम पर दस से तीस हजार रुपए की वसूली करते थे। यह रकम वे अलग-अलग खातों में जमा कराते थे। बाद में अपने मोबाइल बंद कर लेते थे। काम करने वालों को 150 कॉल रोजाना करने के लिए बोला जाता था और इसके लिए उनको सूची भी उपलब्ध कराई जाती थी। सभी को अलग-अलग मोबाइल नम्बर दिए जाते थे। अभी तक की जांच में पाया कि राजस्थान से किसी को ठगी का शिकार नहीं बनाया गया बल्कि अधिकांश लोग दक्षिण राज्यों से हैं। बीते 6 महीने में करीब 60 से 70 लाख की ठगी की है।

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