नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा से लगते कई सेक्टरों में बिना उकसावे के गोलाबारी से जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ है। राज्य के गुरेज और उरी सेक्टरों के बीच नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान ने कई बार संघर्ष विराम उल्लंघन किया जिसमें पांच सुरक्षाकर्मियों समेत 11 लोग मारे गये। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी सेना के ढांचों को बड़ा नुकसान पहुंचाया।

पाकिस्तान की गोलाबारी से सेना के चार कर्मी और सीमा सुरक्षाबल का एक जवान शहीद हो गया तथा छह नागरिकों की जान चली गयी।बीएसएफ महानिरीक्षक (कश्मीर) राजेश मिश्रा के अनुसार पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के भारी गोलाबारी की लेकिन सेना एवं बीएसएफ ने बहादुरी से उनका मुकाबला किया एवं उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तान की कई सुरक्षा चौकियां ध्वस्त कर दी गयीं।

पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण भारतीय क्षेत्र में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। गोलाबारी में घायल होने के बाद भी शहीद डोभाल ने डटकर मुकाबला किया। भारतीय क्षेत्र में घुसने के लिए नियंत्रण रेखा के पार करीब 250-300 आतंकवादी तैयार थे। बीएसएफ समेत सुरक्षा बल उनकी मंशा नाकाम करने में सफल रहे हैं और हम ऐसा करते रहेंगे। बीएसएफ के अधिकारी ने कहा कि मानवाधिकार संगठनों को पाकिस्तान की भारी गोलाबारी में नागरिकों की हुई मौतों और आम लोगों की संपत्तियों को हुए नुकसान का संज्ञान लेना चाहिए।

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