नई दिल्ली. अमेरिका और ब्रिटेन में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद भारत में भी जनवरी में वैक्सीनेशन शुरू हो सकता है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक देश में जनवरी से कोरोना टीके लगाना शुरू किया जा सकता है। अगस्त तक 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण किए जाने की योजना है। देश में कोरोना संक्रमण मामले एक करोड़ से अधिक होने वाले हैं। अब तक एक लाख 44 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार सीरम इंस्टीट्यूट और ब्रितानी फ़ार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राज़ेनेका के सहयोग से बनी कोविशील्ड और कोवैक्सीन का नाम इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन में शामिल है। दोनों कंपनियों ने वैक्सीन इस्तेमाल का आवेदन किया है।

अभी चार स्वदेशी वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक है। सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के पास एक महीने में 6.5 करोड़ ख़ुराक बनाने की क्षमता है। बताया जा रहा है कि अगले साल जनवरी से अगस्त महीने तक लगभग 30 करोड़ लोगों को कोरोना के टीके लगाए जाएंगे। टीके लगाने का काम एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारी करेंगे। पहले उन लोगों तक टीका पहुँचाया जाएगा जिनकी उम्र 50 साल से ज़्यादा है या जिन्हें दूसरी कई बीमारियाँ है।

उल्लेखनीय है कि देश में चार करोड़ गर्भवती और नवजात बच्चों को 12 बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण योजना पहले से चल रही है। कुल दो लाख 23 हज़ार नर्सें और दाइयों में से एक लाख 54 हज़ार नर्सों और दाइयों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। ये नर्सें और दाइयाँ कोरोना वैक्सीन लोगों तक पहुंचाएंगी। नर्सिंग के फाइनल ईयर के छात्रों को भी शामिल किया जा सकता है। 29 हज़ार कोल्ड-स्टोरेज में वैक्सीन सुरक्षित रखी जाएगी। वैक्सीन 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखी जाएगी। देश में 80 डिग्री तक ठंडे रहने वाले कोल्ड-स्टोरेज हैं।

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