जयपुर. राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने वसुंधरा राजे की पिछली सरकार का एक और निर्णय पलट दिया है। सरकार ने फैसला किया है कि वसुंधरा सरकार ने जिस फंड को बंद कर दिया था, उसे फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा। इस फंड के पुनर्जीवित होते ही तंगहाली से गुजर रहे राजस्थान के स्थानीय निकायों को संजीवनी मिल सकेगी और वे शहरी क्षेत्रों में कम लागत के ढांचागत काम करा सकेंगे।

आरयूडीएफ जीवित होने से पालिकाओं पर होगी धन की बरसात

राजस्थान अरबन डवलपमेंट फण्ड (आरयूडीएफ) को पुनर्जीवित करने का निर्णय नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राजस्थान शहरी पेय जल सीवरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर निगम लिमिटेड (रूडसिको) बोर्ड की बैठक में लिया गया। माना जा रहा है कि फंड पुनर्जीवित किए जाने के बाद बोर्ड की फरवरी में होने वाली अगली बैठक के बाद से नगरीय निकायों के खजाने में धन की बारिश होने लगेगी। राजस्थान अरबन डवलपमेंट फण्ड (आरयूडीएफ) फण्ड से कमजोर नगरीय निकायों को आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए ऋण के रूप में मदद दी जाती थी। फण्ड के पुर्नजीवित होने से नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के साथ ही उनका आधारभूत ढ़ांचा मजबूत हो सकेगा।

14 शहरों में सीवरेज एवं जलप्रदाय योजनाओं का चौथे चरण

अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी एवं भूजल सुधांशु पंत के साथ अन्य प्रमुख अधिकारियों की भागीदारी वाली बैठक में धारीवाल ने समयबद्ध योजना क्रियान्वयन पर जोर दिया। बैठक में नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने राजस्थान अरबन डवलपमेंट फण्ड (आरयूडीएफ) को पुर्नजीवित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश के 14 शहरों में सीवरेज और जलप्रदाय ढांचे की जारी योजनाओं और उनके चरण से सम्बंधित कार्यों की मंजूरी की जानकारी दी गई। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश की गहलोत सरकार पिछली वसुंधरा सरकार के कई निर्णय पूर्व में भी पलट चुकी है। इस फंड के बंद होने से नगरीय निकाय वित्तीय रूप से लगभग कंगाली के कगार पर आ गए थे।

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