नई दिल्ली. आतंक प्रभावित कुपवाड़ा जिले के माचिल सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे जंगलों में सुरक्षा बलों ने घेराबंदी तथा तलाश अभियान शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में रविवार तड़के मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गये और सुरक्षा बलों के चार जवान शहीद हो गये थे। चिनार कोर ने शहीद जवानों कैप्टन आशुतोष कुमार, हवलदार प्रवीण कुमार तथा आरएफएन. पयादा महेश्वर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभी शहीद 18 मद्रास से थे। मुठभेड़ के दौरान सीमा सुरक्षा बल का एक जवान भी शहीद हुआ।

जंगलों में आतंकी ढूंढ रहे हैं सुरक्षा बल

सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बलों ने सुबह माचिल सेक्टर के घने जंगलों में बड़े पैमाने पर फिर से तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन जवानों का अभी तक आतंकवादियों से सामना नहीं हुआ है। जवानों को देर रात एक बजे तीन आतंकवादियों की संदिग्ध गतिविधि का आभास हुआ। संदिग्ध लोगों को चुनौती दी गयी तो उन्होंने स्वचालित हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में तीन आतंकवादी मारे गये। तापमान नीचे रहने के बावजूद भी सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं कि जंगलों में कोई और आतंकवादी तो नहीं छिपा है।
ज्ञात रहे कि पाकिस्तान की सीमा में स्थित लॉन्च पैड में काफी संख्या में आतंकवादी भारतीय सीमा में प्रवेश करने की फिराक में इंतजार कर रहे हैं। घुसपैठ की कोशिश को विफल करने के लिए नियंत्रण रेखा पर तैनात सुरक्षा बलों के जवान सतर्क हैं। पाकिस्तान आतंकवादियों के भारतीय सीमा में प्रवेश कराने के लिए लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है।

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