नई दिल्ली. जबरन शादी से रोका तो झारखंड के एक गांव के परिजनों ने बेटी को ही ठुकरा दिया। मजबूरन पुलिस को उसे चाइल्ड लाइन सेंटर भेजना पड़ा। अधिकारियों ने सूचना मिलने पर झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के दुंदुआ गांव में रविवार को 15 साल की नाबालिग की जबरन शादी को मंडप में पहुंच कर रुकवा दिया था।

विवाह रूकने के बाद किशोरी के परिजनों ने अपने घर में रखने से इंकार कर दिया जिसके बाद उसे चाइल्ड लाइन सेंटर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार सिमरिया थाना क्षेत्र के दुंदुआ गांव में परिजन 15 वर्षीया नाबालिग की जबरन शादी कर रहे थे। शादी के दौरान ही किसी ने चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों को सूचना दी तो त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला चाइल्ड लाइन पदाधिकारी पुलिस के साथ गांव में पहुंचे और शादी को रुकवा दिया।

नाराज परिजनों ने कार्रवाई पर एतराज जताया ओर लड़की को पहले तो बालिग बताया लेकिन कागजों की जांच में पता चला कि वह सिर्फ 15 वर्ष की है। परिजनों को शादी रोकनी पड़ी तो उन्होंने उसे अपने साथ रखने से ही इनकार कर दिया।

नाबालिग को चतरा चाइल्ड लाइन केन्द्र पर रखा गया है जहां से उसे बाल कल्याण समिति को सौंपने की व्यवस्था की जा रही है। नाबालिग ने स्वीकार किया है कि उसकी शादी घर वाले उसकी इच्छा के विपरीत जबरन कर रहे थे।

ईयर फोन से गीत सुन रहे थे, मालगाड़ी से कटे

उधर बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर से पुलिस ने सोमवार को दो युवकों का शव बरामद किया। मृतकों में ओबरा थाना के इमामचक गांव निवासी रामप्रसाद सिंह के 19 वर्षिय पुत्र विपिन कुमार एवं इसी गांव के विनोद यादव के 25 वर्षिय पुत्र मुन्ना कुमार शामिल हैं ।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक रेलवे ट्रैक पर पैदल चलते समय ईयर फोन लगाकर गाना सुन रहे थे और इसी दौरान मालगाडी की चपेट में आ गए।
उधर परिजनों ने आरोप लगाया है कि हत्यारों ने दोनों युवक की हत्या धारदार हथियार से कर शव को रेलवे ट्रैक पर रख दिया ताकि दोनों की मौत ट्रेन से कटकर हो जाना मान लिया जाए। परिजनों का कहना है कि दोनों युवक रिश्तेदार के घर जाने को बोलकर एक स्कार्पियो पर सवार होकर दोस्त रंजीत कुमार के साथ निकले थे। पुलिस ने मामले की जांच के लिए श्वान दस्ते एवं अन्य जांच माध्यमों की मदद ली।

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