नई दिल्ली. केन्द्र के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन सोमवार को भी जारी है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी को जाने वाले पांच मार्गो को जाम करने की चेतावनी दी है।

प्रदर्शनकारियों के उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित मैदान में जाने के बाद बातचीत शुरू करने के केन्द्र के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा कि वे सशर्त बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे। इस ​बीच जो किसान बुराड़ी के निरंकारी समागम मैदान पहुंच गए हैं, वे भी प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन से शहर में यातायात प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को सिंघु और टिकरी बॉर्डर बंद रहने से अन्य मार्ग से जाने को कहा। इधर मुकरबा चौक और जीटीके रोड पर यातायात परिवर्तित करने से भयंकर जाम लगा है। सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी और रोहिणी से सिग्नेचर ब्रिज, जीटीके रोड, एनएच-44 और सिंघु बॉर्डर तक बाहरी रिंग रोड मार्ग भी इसकी चपेट में है।

टीकरी बॉर्डर पर भी यातायात बंद है। हरियाणा के सीमावर्ती झाड़ौदा, ढांसा, दौराला झटीकरा, बडूसरी, कापसहेड़ा, राजोकड़ी एनएच-8, बिजवासन / बजघेरा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं।

​मोदी ने की मनाने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच दिन से दिल्ली को घेरकर बैठे किसानों को गंगाजल की याद दिलाकर धरना खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की है। मोदी ने नए कृषि कानून को लेकर किसानों के बीच उत्पन्न आशंकाओं के लिए कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए उसे जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कहा कि गंगा जल जैसी पवित्र नीयत से काम किया जा रहा है, जिसके बेहतर परिणाम आने शुरू हो गये हैं और किसी को भी भ्रम में पड़ने की जरूरत नहीं है।
वाराणसी के मिर्जामुराद के खजुरी में 2,447 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राज मार्ग परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के साथ दशकों से धोखा एवं छलावा किया जा रहा है। वर्षों तक केंद्र की सत्ता में रही कांग्रेस का नाम लिये बिना कहा कि पिछली सरकारों के दौरान किसानों को तरह-तरह के धोखे दिये जा रहे थे। कभी फसलों के न्यूनतम मूल्य दिलाने के नाम पर तो कभी सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर और कभी किसानों के बकाया ऋण माफ करने के लिए। लेकिन इनका लाभ कभी भी किसानों को नहीं मिल पाया। इसलिए उनकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई।

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