नई दिल्ली. कोरोना टीके का इंतजार कर रहे देशवासियों को टीका लगाने की शुरूआत की तारीख तय हो जाने के बाद भी सात दिन का इंतजार करना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय कहना है कि टीके की शुरूआत की तारीख पर अंतिम फैसला होते ही वह लगभग सात दिनों के भीतर कोविड-19 टीके को उपलब्ध उपलब्ध करा देगा।

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के पंजीकरण की जरूरत नहीं है। क्योंकि उनका डाटा को-विन टीका वितरण प्रबंधन प्रणाली में मौजूद है। पूर्वाभ्यास के ‘फीडबैक’ आधार पर स्वास्थ्य मंत्रालय आपात इस्तेमाल की मंजूरी के 10 दिनों के भीतर कोविड-19 टीके उपलब्ध कराने को तैयार है।

टीके को उपलब्ध (रोल आउट) कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला सरकार लेगी। औषधि नियामक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे चुका है। को-विन यानी ‘कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क प्रणाली’ भारत और दुनिया के लिए बनाई गई है और जो भी देश इसका उपयोग करना चाहता है, भारत सरकार उसकी मदद करेगी।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डा. वी के पॉल के अनुसार एक उम्मीद का माहौल भारत में महामारी की स्थिति के साथ उभर रहा है और सक्रिय मामलों और मौत के नये मामलों में गिरावट से स्थिति में लगातार सुधार आ रहा है। उम्मीद है कि यह प्रवृति जारी रहेगी। जहां तक ब्रिटेन में सामने आये कोरोना वायरस के नये स्वरूप की बात है तो यह देश में प्रवेश कर गया है और 71 लोगों को पृथक किया गया जो इस तरह की वैज्ञानिक जांच में हमारी क्षमता को दर्शाता है।
दो टीकों के सीमित आपात इस्तेमाल की मंजूरी पर पॉल ने कहा कि इसे मंजूरी देने में सभी आवश्यक वैज्ञानिक और वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा किया गया है और नियामक मानदंडों का पालन किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले पांच सप्ताह में ठीक होने वाले लोगों की संख्या प्रतिदिन सामने आने वाले संक्रमण के नये मामलों से अधिक हो गई हैं। इस समय कोविड-19 के सक्रिय मरीजों में से 43.96 प्रतिशत मरीज स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में हैं जबकि 56.04 प्रतिशत घरों पर पृथक-वास में है।

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