नई दिल्ली. दिल्ली को पिछले बीस दिन से घेरकर बैठे किसानों ने मोदी सरकार ही नहीं बल्कि लाइफटाइम फ्री के वादे से मुकरे ‘रिलायंस जियो’ के भी होश उड़ा दिए हैं। उसका आरोप है कि एयरटेल और वोडाफ़ोन किसानों को भड़काकर मोबाइल नम्बर पोर्टेबिलिटी अभियान चला रही है।

इससे घबराए रिलायंस जियो ने ट्राई से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया किसानों का समर्थन करने का स्वांग रचा रही हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने जियो उत्पादों का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया है।

‘रिलायंस जियो’ ने ट्राई को लिखे पत्र में कहा है कि भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया किसान आंदोलन की आड़ में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी अभियान चला रही हैं। दोनों कंपनियां रिलायंस को कृषि क़ानूनों का लाभार्थी होने के आरोपों और झूठी अफ़वाहों को आगे बढ़ा रही हैं। एयरटेल और वोडाफोन आइडिया कर्मचारियों, एजेंटों और खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से नंबरों को पोर्ट कराने के लिए रिलायंस जियो को किसान विरोधी और खुद को किसान हितैषी के रूप में पेश कर रही हैं।
इस बीच किसान यूनियनों ने अपना मौजूदा प्रदर्शन पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में तेज़ कर दिया है। किसानों के प्रदर्शन से आर्थिक मोर्चे की बेहतरी पर बुरा असर पड़ सकता है।
सीआईआई का कहना है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान सप्लाई चेन पहले ही बुरी तरह प्रभावित है। जब इसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा था, किसान आंदोलन की वजह से यह फिर पटरी से उतर गया है।

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