नई दिल्ली. खाना बनाना मु्श्किल हो गया क्योंकि बाहर रखी लकड़ियां गीली हो गईं। किसी तरह बची हुई सूखी लकड़ियों और गैस सिलेंडर से भोजन बनाया। लेकिन जब भोजन बांटने की बारी आई तो पता लगा कि जिन चटाइयों पर लोग बैठ कर खाते हैं, वे गीली हो गईं। मजबूरन कीचड़ भरी सड़कों पर लोगों को खड़े-खड़े भोजन करना पड़ा।

ये तस्वीर दिल्ली के बार्डरों पर जमे किसान आंदोलन स्थल की है जहां रिकार्ड स्तर पर पहुंची सर्दी के साथ हुई बारिश ने किसानों को हलकान कर दिया। किसान आंदोलन के चालीसवें दिन में प्रवेश करते ही आंदोलनकारियों पर मौसम की मार शुरू हो गई है। दिल्ली में 15 साल का सर्दी का रिकार्ड तो टूटने से आंदोलनकारियों के समक्ष अलग तरह की मुश्किल शुरू हो गई हैं।

सर्दी के साथ हुई बारिश से सिंघु बॉर्डर पर स्टेज के पास बैठने के लिए बिछाए गए गद्दे भीग गए। जिन तंबुओं में भोजन बनता है, उनसे पानी रिसने लगा। कीचड़ होने से लोगों को खाना खिलाने में दिक्कतें पेश आईं। किसानों ने बारिश से बचने के लिए ट्रकों के ऊपर प्लास्टिक शीट लगा दी है। एक किसान का कहना है कि अगले कुछ दिन तक बारिश का अनुमान होने से इंतजाम ठीक किए जा रहे हैं। लेकिन कपड़े सूखने की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मच्छर बढ़ जाने से भी किसान परेशान हैं।

उधर मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश हो सकती है। दिल्ली में ओले भी गिर सकते हैं। विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हवा की गति औसतन 15 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर सोमवार तक 25 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।

इस बीच किसान संयुक्त मोर्चा ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगले दौर की बातचीत में मुख्य मांगों पर ठोस फ़ैसला नहीं होता है तो गणतंत्र दिवस पर वे दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च करेंगे। अगले दौर की बातचीत सोमवार को होगी।

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