नई दिल्ली. मध्यप्रदेश की आंगनवाड़ियों में अब अंडों की शामत आने वाली है क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वहां से अंडों को बाहर करके गाय के दूध को स्थान दिलाना चाहते हैं। चौहान का दावा है कि प्रदेश में गोवंश संरक्षण के लिए गौ-अधिनियम बनाया जाएगा। आंगनवाड़ियों में बच्चों को अण्डे की जगह गाय का दूध दिया जाएगा और प्रदेश में गोवंश उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रदेश के सालरिया गौ-अभ्यारण्य में गोपाष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में चौहान ने बताया कि गायों के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए गौ-केबिनेट गठित की गई है। देश-विदेश के गौ-प्रबंधन का अध्ययन कर प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ गौ-प्रबंधन लागू की जाएगी। गायों की अच्छी से अच्छी देखभाल तथा गौ-उत्पादों का व्यापक स्तर पर उत्पादन एवं विक्रय हो सके।
संस्कृति में गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गाय की पूजा से ही सबकी पूजा हो जाती है। प्रतिवर्ष कार्तिक शुक्ल अष्टमी को गोपाष्टमी मनाई जाती है। गोपाष्टमी पर गोपूजा का विशेष महत्व है। आज ही के दिन भगवान श्रीकृष्ण एवं बलराम पहली बार गाय चराने जंगल गए थे। अब गोवंश को इधर-उधर नहीं भटकने देंगे। प्रदेश में दो हजार गोशालाएं खोली जा रही हैं। संचालन के लिए समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
गोवंश उपचार के लिए प्रदेश में गोवंश संजीवनी योजना शुरू की जाएगी। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद किये गए गोसदन फिर से प्रारंभ किए जाएंगे। अधिक से अधिक चारा उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग की खाली पड़ी भूमि पर चारागाह विकसित किए जाएंगे। गोशाला निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटन के नियम बनाए जाएंगे। पंचायतों में गोवंश प्रबंधन के लिए राज्य वित्त आयोग की राशि का उपयोग किया जाएगा। गोशालाओं में बिजली, पानी की व्यवस्था के लिए पंच-परमेश्वर की राशि इस्तेमाल की जा सकेगी।

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