नई दिल्ली. भारत के सांसदों को अब 17 करोड़ रूपए हर साल चुकाने होंगे जबकि अभी तक यह राशि केन्द्र सरकार चुका रही थी। ये वह राशि है जो संसद की कैंटीन के भोजन पर सब्सिडी के रूप में दी जाती थी लेकिन सांसद अब संसद की कैंटीन में सस्ता खाना नहीं खा सकेंगे और उन्हें अनुदान की यह राशि जेब से देनी होगी।

आगामी संसद सत्र से संसद की कैंटीन में कोई खाद्य सब्सिडी नहीं मिलेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार संसद कैंटीन में खाद्य सब्सिडी पूरी तरह से हटा दी गई है। 2019 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बिरला ने इसके लिए एक सुझाव दिया था और सांसदों ने सर्वसम्मति से संसद की कैंटीन में किसी भी तरह की सब्सिडी का लाभ नहीं उठाने का फैसला किया था।

इस बीच खबर है कि 29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी और लोकसभा की कार्यवाही शाम 4 से रात 8 बजे तक होगी। संसद सत्र के दौरान पूर्व निर्धारित एक घंटे के प्रश्नकाल की अनुमति रहेगी। सांसदों को संसद सत्र में शामिल होने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट से गुजरना होगा और उन्हें अनिवार्य कोविड-19 परीक्षण से भी गुजरना होगा।

बजट सत्र राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा, जबकि केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति 29 जनवरी को सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपना वार्षिक भाषण देंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट पेश करेंगी। मॉनसून सत्र की तर्ज पर इस सत्र में भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।

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