दीपिका-शाहरुख स्टारर पठान का गाना बेशरम रंग बिकिनी के रंग में ऐसा डूबा है कि सोशल मीडिया पर तूफान आ गया है. विवाद विश्व हिंदू परिषद के विरोध के बाद शुरू हुआ जिसने ये बयान दिया था कि क्या किसी मुस्लिम लड़की को हरे रंग की बिकिनी पहनाकर ये गाना शूट किया जा सकता था.

हालांकि बॉलीवुड के ट्रेड पंडितों का कहना है कि बिकिनी के भगवा रंग को निशाना फिल्म से सम्बंधित लोगों के इशारे पर बनाया गया है ताकि फिल्म भारत से बाहर बेहतरीन कमाई कर सके. यद्यपि इससे फिल्म के भारत में कलेक्शन पर असर पड़ सकता है और इसका हाल भी आमिर की लालसिंह चड्ढा जैसा हो सकता है लेकिन बॉलीवुड व्यापार की असलियत जानने वालों का कहना है कि ऐसे विवादों का असर ओवरसीज राइट की कीमतों पर पड़ता है और वे रातोंरात दस गुना तक हो जाती हैं.

बता दें कि दीपिका की बिकिनी का असली रंग भगवा नहीं बल्कि पीला और गीत की शूटिंग के दौरान जलाई जाने वाली लाइटों के असर से कैमरे में वह भगवा दिखने लगा. असल में बिकिनी पीले रंग की है और दीपिका समुद्री बीचों पर अपने फोटो शूट करवाते समय कई बार पीले रंग की बिकिनी पहन चुकी हैं.

बता दें कि दीपिका पादुकोण, शाहरुख खान स्टारर पठान यशराज फिल्म्स द्वारा पहला गाना बेशरम रंग रिलीज करने के बाद सुर्खियां बटोर रही है. गाने के वीडियो में दीपिका पादुकोण भगवा रंग की बिकनी पहने नजर आ रही हैं. बिकिनी के रंग पर कट्टरपंथी हिंदुओं ने आरोप लगाया है कि बिकनी का रंग उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करता है.

इससे पहले मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा इस आग में ये कहकर घी डाल चुके हैं कि वे मध्यप्रदेश में इस फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देंगे. नरोत्तम मिश्रा का आरोप है कि दीपिका के परिधान आपत्तिजनक हैं और गाने को गंदी मानसिकता के साथ फिल्माया गया है. मिश्रा का कहना है कि दीपिका पादुकोण टुकड़े-टुकड़े गैंग की समर्थक हैं.

मंत्री की टिप्पणी के बाद हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के लिए अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और शाहरुख खान के खिलाफ I&B मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई गई है.

इस विवाद के बाद एक वर्ग ने #BoycottPathan ट्रेंड शुरू करके निर्माताओं की आलोचना कर रहा है. दूसरे वर्ग ने एमपी के मंत्री की टिप्पणी के लिए उनकी खिंचाई की.

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