राजस्थान विश्वविद्यालय के आजीवन सीनेटर का आरोप

जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय सीनेट के सदस्य डा. अखिल शुक्ला ने एक बार फिर राज्यपाल कलराज मिश्र को पत्र लिखकर डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ देव स्वरूप की एलएलबी डिग्री की जांच कराने का आग्रह किया है।

अलग-अलग दिया डिग्री का विवरण

शुक्ला का आरोप है कि डॉ देव स्वरूप जब राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति बने तब उन्होंने राज्यपाल के समक्ष पेश बायोडाटा में अपनी शैक्षणिक योग्यता में एलएलबी डिग्री का विवरण दिया था। उस समय बायोडाटा में एलएलबी डिग्री आगरा विश्वविद्यालय से हासिल किया जाना बताया गया था।

छुपा लिया एलएलबी डिग्री का विवरण

पत्र में शुक्ला ने हैरत जताई है कि डा. देवस्वरूप ने डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए बायोडाटा पेश करते समय एलएलबी डिग्री का विवरण छुपा लिया। इसके बावजूद उनकी नियुक्ति कर दी गई। शुक्ला का आरोप है कि दोनों बायोडाटा का ये विरोधाभास बेहद संगीन है और इसकी जांच होना जरूरी है।

राज्यपाल कार्यालय में सुरक्षित होंगे दोनो बॉयोडाटा

राज्यपाल को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कुलपति के दोनों बॉयोडाटा सरकारी दस्तावेज होने की वजह से राज्यपाल कार्यालय में सुरक्षित होंगे। इसलिए राज्यपाल इस आपराधिक छल की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें ताकि विधि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के मन में छाया वह संदेह दूर हो सके जो कुलपति के डिग्री मामले में दो बॉयोडाटा पेश करने से उत्पन्न हुआ है। पत्र में कहा गया है कि राज्यपाल इस मामले में कुलपति से उनकी समस्त शैक्षणिक योग्यताओं का वर्षवार विश्वविद्यालय सहित विवरण मांगने के साथ ही उनकी शैक्षणिक योग्यताओं की जांच कराएं। उल्लेखनीय है कि सीनेट सदस्य ने इससे पहले भी राज्यपाल को पत्र भेजकर ये खुलासा किया था कि कुलपति ने एलएलबी की डिग्री नियमित विद्यार्थी के तौर पर हासिल नहीं की थी बल्कि उन्होंने ये डिग्री किसी और तरीके हासिल की थी।

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