सीनेट सदस्य अखिल शुक्ला ने कुलाधिपति को भेजे पत्र में लगाया आरोप

जयपुर. राजस्थान में डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय के कुलपति पर गम्भीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि जिस एलएलबी डिग्री के बल पर वे विधि विश्वविद्यालय के कुलपति बने हैं, वह गैरकानूनी ढंग से हासिल की गई हैं।

राजस्थान विश्वविद्यालय सीनेट के सदस्य डा. अखिल शुक्ला ने इस सिलसिले में कुलाधिपति राज्यपाल कलराज मिश्र को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि कुलपति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग दिल्ली में सेवारत रहते आगरा विश्ववद्यालय से एलएलबी डिग्री उत्तीर्ण की है। उनकी डिग्री की जांच कराई जाए क्योंकि एलएलबी नियमित पाठ्यक्रम होने से उसे दूरस्थ शिक्षा अथवा अन्य किसी माध्यम से नहीं किया जा सकता। इस डिग्री को हासिल करने के लिए विधि महाविद्यालय में ही अध्ययन आवश्यक है। अगर कुलपति की डिग्री पर ही सवालिया निशान लगे हों तो विधि विश्वविद्यालय और उससे सम्बद्ध विधि महाविद्यालयों की डिग्री का फिर भगवान ही मालिक है।

शुक्ला का आरोप है कि कुलपति समाजशास्त्र विषय से होने के चलते विधि विश्वविद्यालय में अध्ययन, अध्यापन व संचालन वकीलों की वैधानिक संस्था भारतीय विधिज्ञ परिषद के मापदंडों के मुताबिक नहीं कर पा रहे हैं। विधिज्ञ परिषद ने जनवरी 2020 को विधि उच्च शिक्षा का स्तर अच्छा करने के लिये एक वर्ष के एलएल एम को बन्द करने का निर्णय लिया और दो वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम के स्टैंडर्ड्स तय करके अनुभवी स्टाफ, उच्च विधि शिक्षा केंद्र, शोध केंद्र होना अनिवार्य कर दिया। लेकिन कुलपति एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। ये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व बार कौंसिल ऑफ इंडिया के तय मानदण्डों व मापदण्डों का खुला उल्लंघन है।

नई नीति के अनुसार एलएल एम (दो वर्षीय) के लिये संगठक महाविद्यालय अथवा एक विधि संस्थान पूर्व में स्थापित होना आवश्यक है। लेकिन कुलपति इसकी व्यवस्था नही कर पाए हैं। कुलपति राजस्थान के सभी विधि महाविद्यालयों को डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कराने के प्रयास तो तेज कर दिए हैं लेकिन उन महाविद्यालयों से एलएलबी की जो डिग्री दी जाएगी, उसे बार काउंसिल आफ इंडिया मान्यता देगी अथवा नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

कुलपति बैठक बुलाकर बार कौंसिल के निर्णय की पालना पर विचार करें तो ही डिग्री की मान्यता सम्बंधी शंकाओं का समाधान हो सकता है लेकिन कुलपति सिर्फ वर्चुअल मीटिंग बुला रहे हैं। शुक्ला ने कुलाधिपति से मांग की है कि डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय कुलपति की डिग्री की जांच के साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मानदंडों की पालना भी कराई जाए।

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