नई दिल्ली. आखिरकार सोनिया गांधी उन असंतुष्टों से मिलने के तैयार हो गई हैं जिन्होंने चार माह पहले पार्टी के लिए पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग की थी। माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनावों में बुरी गत और मोदी तथा भाजपा के पूरी तरह हावी हो जाने से मुकाबले लायक भी नहीं रह गई पार्टी को नुकसान से बचाने के लिए सोनिया असंतुष्टों से मिलने के लिए तैयार हुई हैं। सूत्रों के अनुसार नेतृत्व वाकिफ है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा के हाथों लगभग तय दिख रही पराजय के बाद असंतुष्टों के सुर और तेज हो सकते हैं। हालांकि पार्टी के अंदूरूनी सूत्रों का कहना है कि सोनिया असंतुष्टों के सुझावों पर अमल करेंगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

ग़ुलाम नबी आज़ाद, कपिल सिब्बल समेत 23 नेताओं ने अगस्त में सोनिया गांधी को ख़त लिखकर कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक बदलाव लाने को कहा था। ख़त लिखने वालों में पाँच पूर्व मुख्य मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति के कई सदस्य, कई पूर्व केंद्रीय मंत्री और कई मौजूदा सांसद थे। सोनिया गांधी शनिवार को उन 23 नेताओं में से कुछ से मुलाक़ात करेंगी। पिछले हफ़्ते 23 में से सात-आठ प्रमुख नेताओं ने उन नेताओं के नाम सोनिया गांधी को भेजे, जिनसे वे शनिवार को मिलेंगी। माना जा रहा है कि राहुल गांधी भी इस बैठक में शामिल होंगे। सोनिया से मिलने वाले नेताओं में ग़ुलाब नबी आज़ाद, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी और शशि थरूर शामिल हो सकते हैं।

इस बैठक के पीछे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की अहम भूमिका है। सोनिया के गोवा से दिल्ली लौटने के बाद कमलनाथ उनसे दो मुलाक़ात कर चुके हैं। अगस्त में ख़त के सार्वजनिक होने के सिर्फ़ दो दिनों बाद सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई थी लेकिन उसमें इस ख़त में उठाए गए बातों का कोई ज़िक्र नहीं हुआ। कई नेताओं ने ख़त लिखने वालों पर हमले किए और गांधी परिवार से अपनी वफ़ादारी की क़समें खाईं। उल्लेखनीय है कि कुछ ही महीने में कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव होने वाले हैं।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि सोनिया से मुलाकात करने वाले नेता गांधी परिवार के प्रति वफादारी की कसमें खाने के साथ ही उन्हें ये बताने वाले हैं कि पार्टी को फिर से मुकाबले लायक बनाने के लिए एक पूर्णकालिक अध्यक्ष की जरूरत है। अगर गांधी परिवार इस जिम्मेदारी को सम्भालने का अनिच्छुक है तो किसी ऐसे नेता को इसकी जिम्मेदारी दी जा सकती है जिस पर गांधी परिवार को पूरा भरोसा हो और वह मोदी और शाह की रणनीति से निपटने की ठोस योजना बना सके।

Leave a comment

Your email address will not be published.