नई दिल्ली. कोरोना महामारी से निजात पाने के दौर से गुजर रहे देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू नामक नई आफत आ गई है। इससे निपटने के लिए केरल में कौवों, मुर्गियों को मारने का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। राजस्थान सरकार मुर्गियों को इधर से उधर ले जाने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है।

असल में मध्य प्रदेश, केरल समेत कई राज्यों में बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत होने के बाद उनके स्वास्थ्य विभाग अलर्ट कर दिए गए हैं। बर्ड फ्लू का सबसे अधिक असर मध्य प्रदेश में दिख रहा है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। मध्यप्रदेश के इंदौर में कौवों की मौत के बाद अब मंदसौर में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं।

मंदसौर, आगर मालवा इलाके में मृत कौवों में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हो गई है। 23 नवम्बर से अबतक राज्य में 400 से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने दस जिलों में अलर्ट जारी किया है। इंदौर, मंदसौर, मालवा के जिस इलाके में मृत कौवों में फ्लू के लक्षण मिले हैं, उसके एक किमी. के दायरे में इंसानों की जांच करने का फैसला किया गया है। इन इलाकों में स्वास्थ्य टीम भेजी गई हैं। ये टीम खांसी, जुकाम होने पर कोरोना टेस्ट कर रही हैं। अभी सिर्फ पक्षियों तक सीमित बर्ड फ्लू इंसानों में तबाही मचाए, उससे पहले ही सरकार उस पर काबू पाना चाहती है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के इंदौर, मंदसौर, आगर मालवा के अलावा उज्जैन, सिहोर, देवास, गुना, शाजापुर, खरगौन और नीमच के कुछ सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है। अलर्ट के बीच सरकार ने ऐलान किया है कि अगर कोई खूब पका हुआ मीट खाना चाहता है तो उसे दिक्कत नहीं है। बर्ड फ्लू का असर मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में दिख रहा है। यूपी में भी स्वास्थ्य विभाग को बर्ड फ्लू से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

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