भारत की 137 साल पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस में करीब 83 साल बाद अक्‍टूबर 2022 में एक बार फिर वैसा ही मुकाबला होने जा रहा है, जैसा स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्‍मा गांधी और नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस के बीच हुआ था. उस जमाने में कांग्रेस के सर्वोच्‍च नेता महात्‍मा गांधी ने 1938 में कांग्रेस अध्‍यक्ष बने नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस को 1939 में दूसरा कार्यकाल देने से मना करते हुए पट्टाभि सीतारमैया को मुकाबले में उतार दिया लेकिन वे हार गए.

अब 83 साल बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष पद के लिए वैसा ही मुकाबला होने जा रहा है. जिसमें एक तरफ कांग्रेस की बेताज बादशाह नेहरू गांधी फैमिली के उम्‍मीदवार और राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत होंगे और दूसरी ओर उस ग्रुप 23 के उम्‍मीदवार शशि थरूर होंगे जिसने कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र और पूर्व पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ठीक वैसा ही मोर्चा खोल रखा है, जैसा महात्‍मा गांधी ने सुभाष चन्‍द्र बोस के खिलाफ खोला था. अंतर सिर्फ इतना है कि 1939 में सुप्रीम लीडर महात्‍मा गांधी ने मिलने आए सुभाष चन्‍द्र बोस को साफ कर दिया था कि वे उन्‍हें दूसरी बार कांग्रेस अध्‍यक्ष चुनाव लड़ने के लिए समर्थन नहीं देंगे. जबकि 2022 में कांग्रेस की सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी ने ग्रुप 23 के उम्‍मीदवार शशि थरूर को चुनाव लड़ने से रोका नहीं है.

अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संकेत दिया है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ नेता शशि थरूर के लड़ने से उन्‍हें कोई आपत्‍ति नहीं है. थरूर पार्टी के जी-23 सदस्यों में से एक हैं. ग्रुप कांग्रेस में व्यापक सुधारों की मांग के साथ अलगथलग पड़ गया है. कांग्रेस अध्‍यक्ष पद के लिए मतदान 17अक्टूबर को होगा.

बता दें कि कांग्रेस की राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ प्रदेश कमेटियां राहुल गांधी को अगला पार्टी अध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं. कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) ने कहा है कि ऐसे प्रस्तावों का चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

कांग्रेस अध्‍यक्ष चुनाव की अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की जा चुकी है. जी-23 ग्रुप ने तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रखी है. पार्टी वफादारों की पसंद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं. हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम भी सामने आया है लेकिन शायद वे नामांकन नहीं करें. पार्टी अध्‍यक्ष पद के लिए नामांकन 24 सितंबर से 30 सितंबर के बीच दाखिल किए जाएंगे.

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