नई दिल्ली. मध्यप्रदेश कांग्रेस इकाई की कारस्तानी से पार्टी के बड़े नेताओं को मुंह छुपाने की जगह नहीं मिल रही है क्योंकि उसने एक बीजेपी नेता को जबलपुर युवा कांग्रेस का महासचिव चुन लिया। जिस हर्षित सिंघाई को महासचिव चुना गया है वह ​ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक हैं और सिंधिया के साथ ही पार्टी छोड़कर भाजपा में चला गया था।

जानकारी के अनुसार सिंघाई ने तीन साल पहले युवा कांग्रेस के चुनावों के लिए नामांकन दाखिल किया था। मार्च में उसने कांग्रेस छोड़ दी थी। हालांकि पार्टी ने एक अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति गठित कर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस चुनावों में हुई चूक की जांच कराने का ऐलान किया है।

असल में मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में हर्षित सिंघाई को 12 मतों से जबलपुर ज़िले महासचिव चुन लिया गया। जबकि वे मार्च में ही कांग्रेस छोड़ चुके थे। सिंघाई ने मीडिया से कहा कि उन्होंने नामांकन तीन साल पहले भरा था और पार्टी छोड़ने के बाद पदाधिकारियों को इसकी सूचना भी दे दी थी, लेकिन उनकी सूचना को अपडेट नहीं किया गया जिसका नतीजा उनकी जीत के रूप में सामने आया है।

इधर मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस सचिव रश्मि पवार ने इस बात से इनकार किया है कि पार्टी को सिंघाई के पार्टी छोड़ने की कोई जानकारी आधिकारिक रूप से नहीं मिली।

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