किसान आंदोलन के दौरान छठे किसान की मौत

नई दिल्ली. तीन कृषि क़ानूनों के खिलाफ पिछले नौ दिन से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों में से एक और किसान की ​कथित रूप से दिल का दौरान पड़ने से मृत्यु हो गई। टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन में शामिल बठिंडा के रहने वाले लखवीर सिंह की मौत से पहले पांच और किसानों की भी मृत्यु हो चुकी है।
लखवीर 28 नवंबर को दिल्ली आए और टिकरी बॉर्डर पर लंगर सेवा में ड्यूटी कर रहे थे। दो नवंबर की रात उन्होंने बेचैनी की शिकायत की। उन्हें पीजीआई रोहतक ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बीकेयू (उग्रहण) के उपाध्यक्ष शिंगार सिंह मान के अनुसार उनका शव मोर्चरी में रखा है और जब 10 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और कर्ज माफ कर दिया जाएगा, तभी अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एक अंग्रेजी दैनिक के मुताबिक लखवीर छठे व्यक्ति हैं, जिनकी बीते 26 नवंबर से किसान आंदोलन के दौरान मौत हुई है। दो दिसम्बर को पंजाब के मानसा जिले कि 60 वर्षीय गुरजंत सिंह की मौत भी टिकरी बॉर्डर पर हो गई थी। वह मानसा जिले के बछोअना गांव के रहने वाले थे। एक दिसंबर की देर रात वह अचानक बीमार हुए, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, वहां से रोहतक भेजा और वहां उनकी मौत हो गई।

एक दिसंबर की देर रात ही 32 वर्षीय बलजिंदर सिंह की कुरुक्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन स्थल से वापस लौट रहे थे। बलजिंदर लुधियाना के झम्मत गांव के रहने वाले थे। 29 नवंबर की रात लुधियाना के 55 वर्षीय किसान गज्जन सिंह की बहादुरगढ़ के पास दिल्ली बॉर्डर पर मौत हो गई। 29 नवंबर को ही एक गाड़ी में आग लगने के चलते 55 वर्षीय मैकेनिक जनक राज अग्रवाल की मौत हो गई। अग्रवाल इसी गाड़ी में आराम कर रहे थे। पंजाब के बरनाला जिले के धनौला के मैकेनिक जनक ट्रैक्टर ठीक करने वाले तीन अन्य लोगों के साथ आंदोलन में शामिल किसानों के ट्रैक्टर और ट्रकों की रिपेयर के लिए टिकरी बॉर्डर आए थे। ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन के दौरान पहली मौत पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले 45 वर्षीय किसान धन्ना सिंह की भिवानी में एक सड़क दुर्घटना में हुई।

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