संसद के बजट सत्र में जमकर हो सकता है हंगामा

कुमार उमेश

नई दिल्ली. budget session of parliament 2021: संसद का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से सत्र की शुरूआत होगी। राष्ट्रपति दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में सरकार की नीतियों और किए गए कार्यो के बारे में जानकारी देंगे। वहीं दूसरी ओर विपक्ष राष्ट्रपति के इस अभिभाषण का बहिष्कार करेगा। विपक्ष की 18 पार्टियों ने इसका ऐलान कर दिया है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण का विरोध करने वाले 18 राजनीतिक दलों में से 16 ने एक साथ बहिष्कार का ऐलान किया है। इसमें कांग्रेस, एनसीपी, जेकेएनसी, डीएमके, एआईटीसी, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, राजद, सीपीआईएमएल, सीपीआई, आईयूएमएल, आरएसपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस, एआईयूडीएफ शामिल है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण के बहिष्कार की घोषणा की।

राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम 16 राजनीतिक दलों की ओर से एक बयान जारी कर रहे हैं कि वे संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगे क्योंकि कृषि कानूनों को विपक्ष के बिना सदन में जबर्दस्ती पास किया गया। परम्परा के मुताबिक संसद सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करेंगे। वहीं विपक्ष ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है। विपक्ष budget session of parliament 2021: संसद सत्र में किसानों के आंदोलन के मुद्दो को जोरदार तरीके से उठाएगा। इस मुद्दे पर चर्चा और बहस के लिए स्थगन प्रस्ताव जैसे उपायों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

संविधान में राष्ट्रपति के अभिभाषण का प्रावधान

दरअसल संविधान के अनुच्छेद 87 में राष्ट्रपति के अभिभाषण का उल्लेख है। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र की शुरुआत होने पर जब निचले सदन की पहली बार बैठक होगी, राष्ट्रपति राज्यसभा और लोकसभा को संयुक्त रूप से सम्बोधित करेंगे। प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत में भी राष्ट्रपति द्वारा दोनों सदनों को संबोधित किया जाएगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और आने वाले वर्ष की योजनाओं का अनिवार्य रूप से उल्लेख होता है। अभिभाषण सरकार के एजेंडा और दिशा का व्यापक फ्रेमवर्क प्रदान करता है।

कौन करता है अभिभाषण तैयार

राष्ट्रपति का अभिभाषण सरकार तैयार करती है। इसमें सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों का विवरण होता है, जिन्हें आगामी वर्ष में कार्यरूप देने का सरकार का विचार हो। साथ ही पिछले वर्ष की सरकारी की गतिविधियों और सफलताओं की समीक्षा भी दी जाती है। इस अभिभाषण के आधा घंटे पश्चात दोनों सदन अपने-अपने सदन में बैठते हैं। जहां उस सदन के महासचिव द्वारा अभिभाषण की प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाती हैं। इसके बाद किसी एक सदस्य द्वारा प्रस्तावित और दूसरे सदस्य द्वारा समर्थित धन्यवाद प्रस्ताव पर सदस्यों द्वारा चर्चा की जाती है।

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