नई दिल्ली. रिलायंस जियो के डाटा तूफान सुधबुध खो बैठी टेलिकॉम कम्पनियों ने कॉल और डाटा की कीमतों में इजाफे का राग छेड़ दिया है। कम्पनियों का कहना है कि मौजूदा रेट पर बाजार में बने रहना मुश्किल है। बाजार की स्थितियों को देखते हुए टैरिफ हाइक की ओर बढ़ना चाहिए। ये टैरिफ की कीमतों में वृद्धि का वक्त है।

दस रूपए जीबी को 30 रुपए तक ले जाना चाहती हैं कम्पनियां

जियो के बाजार में उतरने से पहले टेलिकॉम सेक्टर की हैवीवेट कम्पनी एयरटेल के मुखिया के सुनील भारती मित्तल ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा टैरिफ मुश्किल पैदा कर रहा है, लेकिन एयरटेल इंडस्ट्री से अलग राह तय नहीं कर सकता। एक समय बाद टैरिफ हाइक की जरूरत होती है। सुनील मित्तल ने अगस्त में भी कहा था कि एक महीने में 160 रुपये में 16 जीबी डाटा देना त्रासदी जैसा है। एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर 200 रुपये या फिर 300 तक बढ़ना चाहिए।

इस साल सितंबर तिमाही में एयरटेल का एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर 162 रुपये रहा, जबकि जून में यह 157 रुपये था। उनका कहना है कि टेलिकॉम सेक्टर भारी लागत वाला क्षेत्र है। नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, टावर और टेक्नोलॉजी समेत तमाम चीजों पर बड़ा निवेश करना पड़ता है।

इसलिए रेट ऐसे होने चाहिए कि इंडस्ट्री ग्रोथ की ओर बढ़े। पावर प्लांट, स्टील प्लांट या रिफाइनरी की तरह टेलिकॉम सेक्टर में भी लगातार निवेश जरूरी है। यह ऐसा सेक्टर है, जिसमें नई तकनीक पर हर साल अरबों डॉलर खर्च करने ही पड़ते हैं।

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