केन्द्र सरकार ने जारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली. लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना की हरकतों पर केन्द्र सरकार ने एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने लद्दाख सेक्टर में अपरम्परागत हथियारों के इस्तेमाल और सैनिकों का जमावड़ा लगाकर स्थिति को गंभीर जरूर बना दिया लेकिन भारतीय सेना के मुंहतोड़ उत्तर से वह आगे नहीं बढ़ पाई।

रिपोर्ट में पिछले साल पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में पत्थरों, लोहे के रॉड और कील लगे डंडों को अपरम्परागत हथियार बताया गया है। 1 जनवरी को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना ने एयरफोर्स की मदद से सैनिकों, तोपों और हथियारों को इतनी तेजी से सीमा पर पहुंचाया कि दुश्मन च​कित रह गया। इसके अलावा सड़कों, पुलों और सैनिक ठिकानों का भी फुर्ती से निर्माण करके एलएसी पर एक से अधिक जगह यथास्थिति को बदलने के चीन के मंसूबों को नाकाम कर दिया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 जून को हिसंक झड़प में चाइनीज पक्ष के कई सैनिक हताहत हुए। पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर रणनीतिक महत्व के ऊंचाइयों वाले स्थानों पर कब्जा कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब मौसम के बावजूद सैनिक इन ऊंचाइयों पर तैनात हैं।

रिपोर्ट के अनुसार एडवांस विंटर स्टॉकिंग के साथ सर्दियों की तैयारी पूरी हो चुकी है और चीनी सेना के किसी भी दुस्साहस का मुकाबला करने के लिए सैनिक अच्छी तरह तैयार हैं।

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