जयपुर. कोरोनाकाल में प्रदेश भर के संक्रमितों का इलाज कर चुके मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध अस्पतालों के ठेकाकर्मी कोरोना वारियर्स तो बताए जा रहे हैं लेकिन उनकी वाजिब मांग भी राज्य सरकार स्वीकार नहीं कर रही है। इससे प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में व्यवस्थाएं चरमरा गई है क्योंकि ठेकाकर्मियों के पास ही रजिस्ट्रेशन, बिलिंग, एडमिशन, दवा वितरण, सफाई व्यवस्था, जांच आंकड़ों का जिम्मा है। ठेकाकर्मी वेतन सीधे दिए जाने की मांग को लेकर पिछले बारह दिन से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इसके अलावा वे नियमितीकरण की मांग भी कर रहे हैं।

कई बार कर चुके हैं शोषण की शिकायत

राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं संलग्न चिकित्सालयों के ठेका कर्मचारियों ने सवाई मानसिंह अस्पताल में कार्य बहिष्कार जारी रहा। मेडिकल कॉलेजों के ठेका कर्मचारी ठेकेदारों के शोषण की शिकायत कई बार कॉलेज प्रिंसिपल एवं राज्य सरकार को ज्ञापन देकर कर चुके हैं। इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर कई बार बैठक भी हो चुकी है। फिर भी ठेका कर्मचारियों को नियमित करने और नियमित होने तक इन्हें सरकारी खजाने से वेतन भुगतान करने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। इसी के विरोध में ठेका कर्मचारी पिछले 12 दिन से कार्य बहिष्कार कर रहे है।

अन्य जिलों में भी कार्य बहिष्कार

कार्य बहिष्कार करने वालों में ठेका कर्मचारी संघर्ष समिति के संयोजक सुरेंद्र सिंह, निर्मला देवी, चंद्रपाल सिंह एवं विष्णु शर्मा समेत अन्य शामिल थे। सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अन्य सभी अस्पतालों में भी कार्य बहिष्कार किया गया। अन्य जिलों के मेडिकल कॉलेजों के ठेका कर्मियों ने भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। अगर सरकार सुनवाई नहीं करती है तो जल्दी ही सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय एवं सलंगन अस्पतालों के ठेका कर्मी आमरण अनशन पर बैठेंगे।

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