नई दिल्ली. पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने मांग की है कि सरकार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत नियोक्ताओं के 14 प्रतिशत योगदान की सभी श्रेणियों को करमुक्त करे। एनपीएस के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन में नियोक्ताओं के 14 प्रतिशत के योगदान को एक अप्रैल 2019 से करमुक्त कर दिया गया है।

पीएफआरडीए के चेयरमैन सुप्रतिम बंद्योपाध्याय के अनुसार नियोक्ताओं के 14 प्रतिशत के योगदान को सभी के लिए करमुक्त करने का प्रस्ताव सरकार को दिया जाएगा। अभी यह सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलता है। सरकार से आग्रह है कि इसे सभी कर्मचारियों को दिया जाए। चाहे राज्य सरकार का कर्मचारी हो या किसी कॉरपोरेट इकाई का कर्मचारी। सभी क्षेत्रों के अंशधारकों को इसका लाभ मिलना चाहिए। राज्य मांग कर रहे हैं कि 14 प्रतिशत कर लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए। कई राज्य सरकारों ने इसके लिए पीएफआरडीए को पत्र लिखा है।

इसके अलावा पीएफआरडीए टियर-दो एनपीएस खाते को करमुक्त करने का लाभ सभी अंशधारकों को देने का आग्रह करेगाा। टियर-दो एनपीएस खातों को हाल में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए करमुक्त किया गया है। करमुक्त टियर-दो खाते में लॉक-इन अवधि तीन साल की होती है, क्योंकि इसे करमुक्त का दर्जा मिला है। एनपीएस के तहत टियर-दो खाता अनिवार्य खाता नहीं है। टियर-एक के साथ किसी का टियर-दो खाता भी हो सकता है। वित्त मंत्रालय ने पिछले महीने 2020-21 के बजट के लिए विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू की है। यह बजट ऐसे समय आएगा जबकि सरकार के समक्ष कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने की चुनौती है।

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