नई दिल्ली. दिल्ली में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के उद्योगों को जल्द ही पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) का उपयोग करने के लिए तैयार होना पड़ेगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए औद्योगिक क्षेत्रों को अहम कारक माना है और उन्हें जल्द ही पॉवर के लिए पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) काम लेने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव एएम कुट्टी की अगुवाई वाले आयोग ने दिल्ली में संचालित उद्योगों को पीएनजी पर ले जाने के मामले की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि 31 जनवरी 2021 तक उन सभी उद्योगों को पीएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित करे जिनकी पहचान की गई है। आयोग ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से कहा कि वह उन उद्योगों का निरीक्षण करें जो गैर स्वीकृत ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसे उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करें।

दिल्ली के 50 औद्योगिक इलाकों में करीब 1644 औद्योगिक इकाइयों की पहचान की गई है जिन्हें पीएनजी में तब्दील किया जाना है। आयोग का कहना है कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को बढ़ाने में योगदान देने वाले अहम कारकों में से एक औद्योगिक क्षेत्र है। उसने कहा है कि 31 जनवरी 2021 तक बुनियादी ढांचा और उद्योगों को पीएनजी में परिवर्तित करने का लक्ष्य पूरा किया जाए।

उल्लेखनीय है कि सर्दियों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता गर्मियों के मुकाबले ज्यादा खराब हो जाती है क्योंकि ठंड के चलते प्रदूषित कण दिल्ली के आसमान पर कोहरे की तरह छा जाते हैं।

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