जेब पर डाका डाल रही है कोरोना काल में बाजार की कलाबाजी

नई दिल्ली. कोरोना काल में देसी उत्पादों से लेकर कास्मेटिक बनाने वाली कम्पनियों ने ऐसे उत्पाद पेश किए हैं जिनकी विश्वसनीयता का कोई आधार नहीं है। ऐसे उत्पाद पेश कर कोरोना से डरे उपभोक्ताओं का दोहन करने के लिए अब यूनिलीवर भी आगे आ गई है। कम्पनी भारत में अपना माउथवॉश फॉर्मूलेशन पेश करने वाली है। कंपनी का दावा है कि इस माउथवॉश से 30 सेकेंड कुल्ला करने पर 99.9 प्रतिशत कोरोना वायरस समाप्त हो जाता है।

प्रभाव साबित नहीं !

कम्पनी का कहना है कि यूनिलीवर ने इस बात की पुष्टि की है। प्रयोगशाला में प्राथमिक परीक्षण बताते हैं कि सीपीसी टेक्नोलॉजी वाला उसका माउथवॉश फॉर्मूलेशन 30 सेकेंड कुल्ला करने पर कोविड-19 के लिये जिम्मेदार सार्स-सीओवी-2 वायरस को 99.9 प्रतिशत तक समाप्त कर देता है। यह संक्रमण को फैलने से कम करता है। प्रयोग के परिणाम से पता चलता है कि हाथ धोने, आपस में सुरक्षित दूरी बनाने तथा मास्क पहनने जैसे बचाव के उपायों में माउथवॉश भी एक अभिन्न हिस्सा बन सकता है। यह स्पष्ट है कि माउथवॉश कोरोना वायरस का समाधान नहीं है और यह संक्रमण को रोकने में भी साबित तौर पर प्रभावी नहीं है, लेकिन हमारे परिणाम उत्साहवर्धक हैं। महामारी के प्रकोप को देखते हुए कंपनी को लगता है कि प्रयोगशाला में मिले परिणाम को सार्वजनिक साझा किया जाना चाहिये।
उधर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का कहना है कि भारत कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है। इसलिए अब ढिलाई नहीं बरती जा सकती। पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के आठवें दीक्षांत समारोह में अंबानी ने यह टिप्पणी की।

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