मुंबई. जो बाइडेन के राष्ट्रपति निर्वाचित होने से डॉलर पर बने दबाव के बीच अमेरिका की वीजा नीति में बदलाव किये जाने की उम्मीद में आईटी के साथ लगभग सभी समूहों में जमकर लिवाली हुई। इससे घरेलू शेयर बाजार झूम उठा है। निवेशकों को 206558.75 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ तथा बीएसई का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 16567257.92 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

लिवाली के बल पर बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सत्र के दौरान 42653.33 अंक के और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 12474.05 अंक रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि कारोबार के अंत में सेंसेक्स 704.37 अंकों की बढ़त लेकर 42597.43 अंक पर और निफ्टी 197.50 अंको की छलांग के साथ 12461.05 अंक पर रहा।

छोटी और मझोली कंपनियों में लिवाली का जोर बने रहने से बीएसई का मिडकैप 1.01 प्रतिशत चढ़कर 15560.10 अंक पर और स्मॉलकैप 0.57 प्रतिशत उठकर 15304.72 अंक पर रहा। बीएसई में हेल्थकेयर में 0.10 प्रतिशत की गिरावट को छोड़कर शेष सभी समूहों में तेजी रही जिसमें टेलीकॉम में सबसे अधिक 3.81 प्रतिशत, बैंकिंग 2.78 प्रतिशत,, पावर 2.29 प्रतिशत, वित्त 2.09 प्रतिशत, धातु 2.10 प्रतिशत, टेक 1.74 प्रतिशत, रिलयटी 1.52 प्रतिशत और आईटी 1.44 प्रतिशत शामिल है।
वैश्विक स्तर पर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 1.37 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 1.88 प्रतिशत, जापान का निक्केई 2.12 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.18 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.86 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

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