बेनतीजा रही किसान आंदोलनकारियों से 12वें दौर की बातचीत

नई दिल्ली. दिल्ली की सीमाओं पर लगभग दो माह से डटे आंदोलनकारी किसानों के साथ सरकार की 12वीं बैठक भी बेनतीजा रही। किसानों ने आरोप लगाया कि मंत्रियों ने साढ़े तीन घंटे इंतजार कराया, फिर सरकारी प्रस्ताव मानने की बात कहकर मीटिंग खत्म कर दी।

आधा घंटा भी नहीं हुई बातचीत

दिल्ली के विज्ञान भवन में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्यमंत्री सोम प्रकाश के साथ 12वें दौर की बातचीत के बाद किसानों ने कहा कि मीटिंग तो करीब पांच घंटे चली, लेकिन मंत्रियों से आमने-सामने बातचीत 30 मिनट भी नहीं हुई। अगली मीटिंग की तारीख भी तय नहीं की गई है।

साढ़े तीन घंटे इंतजार भी कराया

बैठक के बाद किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के एसएस पंढेर ने कहा कि कृषि मंत्री ने हमें साढ़े तीन घंटे इंतजार कराया। यह हमारा अपमान है। इसके बाद जब वे आए तो बोले कि सरकार की बात मान लीजिए। अब हम मीटिंग खत्म कर रहे हैं। अब हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।

मंजूर नहीं सरकार का प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार आपके सहयोग के लिए आभारी है। नए कानूनों में कोई कमी नहीं है। हमने आपके सम्मान में प्रस्ताव दिया था। लेकिन आप फैसला नहीं कर सके। आप अगर किसी निर्णय पर पहुंचते हैं तो बताएं। इस पर फिर हम चर्चा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछली बातचीत में कानूनों को डेढ़ साल स्थगित करने का प्रस्ताव सरकार ने दिया था। किसान नेताओं ने कहा था कि उन्हें सरकार का प्रपोजल मंजूर नहीं। उन्होंने कहा कि कानून रद्द होने चाहिए, और MSP की गारंटी मिलनी चाहिए।

मिठाई में छिपे जहर जैसा है प्रस्ताव !

किसान नेताओं की बैठकों में चर्चा हुई कि सरकार को नया प्रस्ताव दिया जाए, जिसमें कानूनों को 3 साल तक होल्ड करने का हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में देने, प्रति एकड़ 3 लाख के एग्रीकल्चर लोन की लिमिट बढ़ाकर 5 लाख करने, ब्याज दर पुरानी रखने और मृतक किसानों के परिजन को मुआवजा देने की मांग शामिल हो।

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता एसएस पंढेर ने मीटिंग से पहले कहा कि सरकार की स्ट्रैटजी हमें फंसाने की थी, यह मिठाई में जहर छिपाने जैसा था। सरकार चाहती है कि किसी भी तरह आंदोलन खत्म हो जाए। हमने सरकार का प्रपोजल नामंजूर कर दिया। सरकार से आज की मीटिंग में कृषि कानूनों की वापसी और MSP पर बात करेंगे।

आउटर पर ही करेंगे परेड !

उधर किसान नेताओं की आज दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ लगातार चौथे दिन मीटिंग होगी। इससे पहले तीन बैठकों में किसानों को मनाने की पुलिस की कोशिशें नाकाम रहीं। गुरुवार को किसानों ने कहा कि वे दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर ही ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। पुलिस ने इसकी मंजूरी देने से मना कर दिया। पुलिस ने कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेस-वे पर परेड निकालने की अपील की, लेकिन किसान नहीं माने। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसान तैयारी में जुटे हैं। पंजाब के फिरोजपुर, मोगा, फाजिल्का, जालंधर, मानसा और बठिंडा से करीब 1,830 ट्रैक्टरों से 13 हजार 950 से ज्यादा किसान दिल्ली रवाना हो चुके हैं। किसान आंदोलन से जुड़े नेता योगेंद्र यादव ने दावा किया है कि परेड में 1 लाख से ज्यादा ट्रैक्टर तिरंगों के साथ शामिल होंगे।

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