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इन खतरों को साथ लेकर आएगा मानसून, बचाव के लिए इन उपायों पर अमल करें

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सुश्री कंचन नायकावाड़ी ( प्रिवेंटिव हेल्‍थकेयर स्‍पेशलिस्ट)

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भारत में मानसून अपने साथ कई बीमारियों विशेषकर संक्रामक बीमारियों को साथ लाता है। हेपेटाइटिस ए, हैजा, टाइफाइड और डायरिया होना आम है। इस मौसम में पेट से संबंधित समस्याएं, बुखार और हेपेटाइटिस ए के चलते एक्‍यूट लिवर फेलियर होने का सबसे अधिक खतरा रहता है। भारी बारिश के कारण अलग-अलग इलाकों में पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल का कार्य करता है। इससे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगते हैं। डेंगू ब्लड प्लेटलेट काउंट को कम कर देता है। मानसून के दौरान हवा में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण सूक्ष्म जीवों को बढ़ने के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है, जिसके परिणामस्वरूप अधिक संक्रमण होता है। बुखार, गले में खराश, नाक बहना, आंखों से पानी आने लगता है।

बारिश में बैक्टीरिया एवं वायरल संक्रमण को रोकने के लिए गंदे पानी के पोखरों में न जाएं। जूते, मोजे, कपड़े आदि बदलते रहें। बरसात के दिनों में बाहर से घर लौटने पर गर्म पानी से स्नान करें। सेब, जामुन, लीची, आलूबुखारा, चेरी, आड़ू, पपीता, नाशपाती और अनार जैसे ‘मौसमी फल’ खाएं। इम्‍युनिटी को बेहतर बनाने के लिए बरसात के मौसम में डाइट में पौष्टिक सूप लें। तले हुए स्नैक्स की जगह बेक्ड लाइट बाइट्स जैसे भुट्टा, डिमसम, स्प्राउट्स भेल लें। यह सूजन से बचने में मदद कर सकता है। नींबू, शहद, अदरक, लौंग, इलायची, दालचीनी, तुलसी आदि से बने काढ़े के साथ हर्बल चाय पीकर शरीर को फिर से जीवंत करें।

पौष्टिक खाना खाएं और अपनी इम्युनिटी बढ़ाएं। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नियंत्रण में रखने के लिए व्यायाम और प्राणायाम करें। जल्द से जल्द फुल बॉडी चेकअप कराएं। इस मानसून में अपनी गतिविधियों को अपने घर तक ही सीमित रखें और स्वस्थ रहें।

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