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भाजपा से जुड़े हुए हैं देश की 67 सरकारी कम्पनियों के 86 निदेशक

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देश की 98 सरकारी कंपनियों के बोर्ड में नियुक्त किए गए 172 स्वतंत्र निदेशकों में से 86 भाजपा के हैं। हालांकि ये कहा जा रहा है कि अब उनका पार्टी से कोई सम्बंध नहीं है तो कुछ स्वतंत्र निदेशकों ने कहा है कि वे निदेशक की हैसियत से कम्पनी के हित में निर्णय लेने की प्रक्रिया के सहभागी रहते हैं। ये 86 स्वतंत्र निदेशक 67 सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों में नियुक्त हैं।

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इस बीच सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी ने कंपनियों में इंडिपेंडेंट डयरेक्टर्स यानी स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में संशोधन कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 98 सरकारी कंपनियों के बोर्ड में 172 स्वतंत्र निदेशक नियुक्त हैं। इनमें से 86 सत्ताधारी भाजपा से जुड़े हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक मनीष कपूर यूपी बीजेपी के उपकोषाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वे एक पेशेवर हैं और एक स्वतंत्र निदेशक के तौर पर उनकी अलग ड्यूटी हैं। वे बोर्ड की सीएसआर कमेटी की अध्यक्षता कर रहे हैं लेकिन सब कुछ नियमों के मुताबिक किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजेश शर्मा (पूर्व राष्ट्रीय संयोजक, बीजेपी सीए सेल यूपी) का कहना है कि वे अब केवल बीजेपी के सदस्य हैं। भेल से कोई सीएसआर फंड पार्टी से जुड़े किसी व्यक्ति के संगठन को जारी नहीं किया गया है। राजकुमार बिंदल (1996 से बीजेपी के सदस्य) का दावा है कि उनका काम अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों को देखना है। उसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक राजेंद्र आर्लेकर (पूर्व स्पीकर, गोवा विधानसभा, पूर्व मंत्री) ने कहा कि वे केवल राजनीतिक नजरिए से ही नहीं बैठते, बल्कि कंपनी, लोगों और राष्ट्र के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करते हैं। लता उसेंदी (उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बीजेपी, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, कोंडागांव,9) का कहना है कि उनके बीजेपी में होना हितों के टकराव का मामला नहीं है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक एन शंकरअप्पा (राज्य कार्यकारी सदस्य, कर्नाटक भाजपा) का कहना है कि उनके बीजेपी में होने से सेल का कुछ लेना-देना नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक जी राजेंद्रन पिल्लई (राज्य कार्यकारी सदस्य, केरल भाजपा) का कहना है कि एचपीसीएल को उनके भाजपा के साथ जुड़े होने से कोई दिक्कत नहीं है। गेल इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक बंतो देवी कटारिया के पति रत्नलाल कटारिया ने कहा कि वे यहां इसलिए नहीं हैं क्योंकि वे उनकी पत्नी हैं। वे भाजपा में 34 सालों से रही हैं। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक ए आर महालक्ष्मी (उपाध्यक्ष, तमिलनाडु भाजपा) ने कहा कि भाजपा में होना और स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम करना अलग-अलग चीजें हैं। उनका आपस में कोई लेना-देना नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक विजय तुलसीरामजी जाधव (2009 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी ) ने कहा कि उनके बीजेपी से जुड़े होने में हितों का कोई टकराव नहीं है क्योंकि उन्हें किसी तरह का लालच नहीं है। मावजीभाई बी सरोथिया (गुजरात भाजपा के सीए सेल के संयोजक) ने कहा कि जब वे बैठक में भाग लेते हैं तो वे सिर्फ कंपनी के हित में काम करते हैं और राजनीति को अलग रख देते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऑयल इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक टंगोर तपक (पूर्व मंत्री, अरुणाचल, पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष) गगन जैन ( भाजपा सदस्य, मेघालय) हैं। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक सीता सिन्हा (भाजपा राज्य एग्जीक्यूटिव सदस्य, बिहार, पूर्व जनता दल विधायक) और एनएलसी इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक नारायण नंबूथिरी (भाजपा प्रवक्ता, केरल) हैं।

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