नई दिल्ली. इंग्लैंड में सामने आया कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन बेकाबू नहीं है और हाल ही विकसित की गई सभी वैक्सीन उसे मार गिराने में सक्षम हैं।

यह दावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किया है। इस बीच कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से बचने के लिए दुनिया के दर्जनों देशों ने ब्रिटेन से यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे कई जगह यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए हैं। यूरोप में राज्यमार्गों पर लंबी कतार दिख रही हैं।

ब्रिट्रिश विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस की नई किस्म 70 प्रतिशत ज्यादा तेजी से फैलती है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि नए स्ट्रेन को रोकना संभव है। संगठन के अनुसार नए स्ट्रेन से संक्रमित होने वाले औसतन 1.5 और लोगों को संक्रमित करते हैं, जबकि ब्रिटेन में पहले से मौजूद स्ट्रेनों की रिप्रोडक्शन दर 1.1 है। वायरस-विज्ञानियों के बीच सहमति है कि मौजूदा वैक्सीन बेअसर नहीं होंगी।

वैक्सीन बनाने वाली जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक का दावा है कि उनकी वैक्सीन के असर की वायरस की 20 अलग अलग किस्मों पर जांच की जा चुकी है। सभी में सफल इम्यून प्रतिक्रिया मिली और उसने वायरस को निष्क्रिय कर दिया।

इधर ब्रिटेन के वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि रिप्रोडक्शन दर में आई बढ़ोतरी के लिए वायरस में आए बदलाव ज्यादा जिम्मेदार हैं या कोई और कारण। अभी तक इस बात का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है कि नए स्ट्रेन से और ज्यादा गंभीर या और ज्यादा घातक बीमारियां होती हैं।

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